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Election: पंचायत चुनाव जीती तीन आशा वर्कर पूरा करेंगी कार्यकाल, हाईकोर्ट ने दी सीमित राहत

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Election: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के आधार पर पंचायत चुनाव लड़कर जीतने वाली तीन आशा वर्करों को पांच साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा करने की राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए दिया गया है और इसे भविष्य के अन्य मामलों में नजीर नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने आशा वर्करों की चुनाव लड़ने की योग्यता और राज्य सरकार के 2 मई 2026 के आदेश की वैधता पर अंतिम निर्णय नहीं दिया है।

हिमाचल प्रदेश

न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं में शामिल तीन उम्मीदवार चुनाव जीत चुकी हैं, इसलिए अब याचिका के गुण-दोष पर विचार करना उचित नहीं होगा। चुनाव जीतने वाली आशा वर्करों में रीना देवी, चंद्रेश कुमारी और कमला देवी शामिल हैं। खंडपीठ ने मामले का निपटारा करते हुए इन तीनों को पंचायत प्रतिनिधि के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने की अनुमति दी।

सरकार के आदेश को दी गई थी चुनौती

राज्य सरकार ने 2 मई 2026 को स्पष्टीकरण आदेश जारी कर आशा वर्करों को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 122(1)(जी) के तहत अयोग्य माना था। इसके आधार पर उन्हें पद पर रहते हुए पंचायत चुनाव लड़ने से रोका गया था। रीना देवी और छह अन्य आशा वर्करों ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मानदेय पर कार्य करने वाली स्वयंसेवी हैं।

हाईकोर्ट ने सरकार के अयोग्यता संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगाई थी, जिसके बाद सातों याचिकाकर्ताओं ने पंचायत चुनाव लड़ा। इनमें से रीना देवी, चंद्रेश कुमारी और कमला देवी ने जीत दर्ज की। अदालत ने कहा कि मौजूदा राहत केवल चुनाव जीत चुकी इन तीन महिलाओं तक सीमित रहेगी। आशा वर्कर पंचायत चुनाव लड़ने के लिए पात्र हैं या नहीं और सरकार का आदेश सही था या नहीं, इन कानूनी प्रश्नों को भविष्य के लिए खुला रखा गया है।

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