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Government Decision: विश्वविद्यालय स्तर पर होगी प्रोफेसर भर्ती, संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Government Decision: हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित कर दिया है। इसके तहत विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्तियां विश्वविद्यालय स्तर पर होंगी, जबकि अन्य पदों की भर्ती लोक सेवा आयोग और राज्य चयन आयोग के माध्यम से करवाई जाएगी। करीब पौने दो घंटे की चर्चा के बाद पारित विधेयक का उद्देश्य विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए भर्ती प्रक्रिया और वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाना है।

हिमाचल प्रदेश

विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष ने सरकार से इसे जबरन पारित नहीं करने की मांग की। विपक्ष का कहना था कि पूर्व में भी ऐसे मामले हाई कोर्ट में अटक चुके हैं और इस विधेयक को भी न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। विरोध, हंगामे और नारेबाजी के बीच सरकार ने विधेयक को विधानसभा से पारित करवा लिया।

यूजीसी नियमों के अनुसार होंगी नियुक्तियां

चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त नहीं करना चाहती, बल्कि भर्ती में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसका उद्देश्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक मामलों में सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी और नियुक्तियां यूजीसी के नियमों के अनुसार होंगी। सहायक प्रोफेसर पद के लिए नेट और सेट जैसी निर्धारित योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के माध्यम से आगे आने का अवसर मिलेगा, जबकि साक्षात्कार के लिए 20 अंक निर्धारित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति विश्वविद्यालय स्वयं करेगा। सरकार चाहती है कि पीएचडी, नेट और सेट जैसी योग्यता रखने वाले युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिले और चयन योग्यता के आधार पर हो। विश्वविद्यालयों की वित्तीय जवाबदेही मजबूत करने के लिए वित्त समिति का अध्यक्ष वित्त सचिव को बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का हस्तक्षेप केवल वित्तीय मामलों तक सीमित रहेगा और शैक्षणिक व्यवस्था में कोई दखल नहीं दिया जाएगा।