फार्मर रजिस्ट्री बनेगी किसानों की डिजिटल पहचान, अब एक आईडी से मिलेंगी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ
फार्मर रजिस्ट्री (एग्रीस्टैक) योजना के तहत किसानों की डिजिटल किसान आईडी तैयार की जा रही है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा। इस डिजिटल पहचान के माध्यम से दस्तावेज़ी प्रक्रिया आसान होगी और कई कृषि योजनाओं, सब्सिडी तथा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण का लाभ एक ही आईडी से प्राप्त किया जा सकेगा। हिमाचल प्रदेश में भी इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
शिमला/नई दिल्ली
देशभर के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारें फार्मर रजिस्ट्री (एग्रीस्टैक) योजना को तेजी से लागू कर रही हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक किसान की डिजिटल किसान आईडी (फार्मर आईडी) तैयार की जा रही है, जिससे किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सरकारी सेवाएं सीधे उनके खाते तक पहुंचेंगी।हिमाचल प्रदेश में भी इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। प्रदेश सरकार किसानों की भूमि, आधार और बैंक खाते का सत्यापन कर डिजिटल रजिस्ट्रेशन कर रही है, ताकि भविष्य में कृषि विभाग की अधिकांश योजनाओं का लाभ इसी किसान आईडी के माध्यम से मिल सके।
क्या है फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल डेटाबेस है, जिसमें किसान का नाम, आधार, बैंक खाता और भूमि का रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) दर्ज किया जाता है। एक बार सत्यापन होने के बाद किसान की अलग डिजिटल पहचान बन जाती है, जिससे विभिन्न सरकारी योजनाओं में बार-बार दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं रहती।
किसानों को होंगे ये बड़े फायदे
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त मिलने में आने वाली तकनीकी दिक्कतें कम होंगी और राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी।
- किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और फसल ऋण के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया आसान होगी।
- प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल बीमा और राहत राशि का भुगतान अधिक तेजी और पारदर्शिता से किया जा सकेगा।
- खाद, बीज, कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ एक ही किसान आईडी से जोड़ा जाएगा।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल खरीद जैसी सेवाओं में भी डिजिटल सत्यापन आसान होगा।
- फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और वास्तविक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।
हिमाचल के किसानों के लिए क्यों है जरूरी
प्रदेश के किसानों से अपील की जा रही है कि वे समय रहते अपनी फार्मर रजिस्ट्री पूरी कराएं। आने वाले समय में कई सरकारी कृषि योजनाओं, अनुदानों और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए यह डिजिटल किसान आईडी महत्वपूर्ण दस्तावेज बन सकती है। ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे अपने क्षेत्र के कृषि विभाग या निर्धारित केंद्रों पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि फार्मर रजिस्ट्री योजना कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही किसान तक समय पर और बिना किसी बिचौलिए के पहुंचाना संभव होगा।