Loading...

RDG बंद होने से हिमाचल को हर साल 8 से 10 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का दावा: मुख्यमंत्री

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 40 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान को लेकर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके बंद होने से प्रदेश को हर वर्ष 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट के साथ आयोजित बैठक में प्रदेश की वित्तीय स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है।

शिमला

1952 से मिल रहा था राजस्व घाटा अनुदान

मुख्यमंत्री के अनुसार हिमाचल प्रदेश को वर्ष 1952 से राजस्व घाटा अनुदान मिलता रहा है, लेकिन 16वें वित्त आयोग ने 77 वर्षों से मिल रहे इस अधिकार को बंद कर दिया है। उन्होंने आरडीजी को केवल प्रदेश सरकार का नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की जनता का अधिकार बताया।

हर साल 8 से 10 हजार करोड़ के नुकसान की बात

प्रदेश की वित्तीय स्थिति को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि एक लाख रुपये की वार्षिक आय में से 40 हजार रुपये कम हो जाएं तो आर्थिक स्थिति पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। उनके अनुसार हिमाचल वर्तमान में इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहा है और प्रदेश को प्रतिवर्ष 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

तीन वर्षों में 17 हजार करोड़ रुपये RDG मिलने की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को पिछले तीन वर्षों में 17 हजार करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान के रूप में प्राप्त हुए हैं। प्रदेश सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है और उसके प्रत्येक निर्णय का उद्देश्य हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है।

Related Topics: