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FIR / हिमकेयर योजना में वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज, 98 निजी अस्पतालों पर एफआईआर की तैयारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

FIR : हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के तहत फर्जी मेडिकल बिलों और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रारंभिक जांच में 98 निजी अस्पतालों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा जारी है।

शिमला

हिमकेयर योजना में वित्तीय अनियमितताओं की विस्तृत जांच जारी
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर स्वास्थ्य योजना से जुड़े कथित वित्तीय गड़बड़झाले की जांच विजिलेंस ब्यूरो द्वारा व्यापक स्तर पर की जा रही है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य के 98 निजी अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसियां अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत बिलिंग रिकॉर्ड, उपचार विवरण और क्लेम दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग से भी विस्तृत विभागीय जांच रिपोर्ट मांगी गई है ताकि दोनों रिपोर्टों का मिलान कर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सके।

फर्जी मेडिकल बिल, अधिक बिलिंग और रिकॉर्ड में अंतर के मामले
जांच में पाया गया है कि कई अस्पतालों ने सामान्य उपचार और ऑपरेशन के लिए वास्तविक लागत से कई गुना अधिक बिल प्रस्तुत किए हैं। उदाहरण के तौर पर जिन प्रक्रियाओं की लागत कुछ हजार रुपये होनी चाहिए थी, वहां लाखों रुपये तक के बिल तैयार कर भुगतान प्राप्त किया गया। कई मामलों में मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड और अस्पतालों द्वारा जमा किए गए बिलों में स्पष्ट अंतर पाया गया है। कुछ अस्पतालों द्वारा ऐसे उपचारों के क्लेम भी प्रस्तुत किए गए हैं जिनकी पुष्टि मेडिकल दस्तावेजों में नहीं हो पाई है, जबकि कई जगह एक ही मरीज के नाम पर अलग-अलग बिल जारी करने के तथ्य भी जांच में सामने आए हैं।

सरकारी भुगतान पर रोक और वित्तीय ऑडिट प्रक्रिया
जांच के चलते राज्य सरकार ने कई संदिग्ध मामलों में निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान को फिलहाल रोक दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी संदिग्ध क्लेम का भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। वित्तीय अनियमितताओं की गंभीरता को देखते हुए संबंधित रिकॉर्ड का ऑडिट किया जा रहा है और सभी भुगतान प्रक्रियाओं की पुनः समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर हुई अनियमितता को चिन्हित किया जा सके।

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