FIR / पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ विजिलेंस की एफआईआर, विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग मामले की जांच शुरू
FIR : पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल के खिलाफ विधायक ऐच्छिक निधि से जुड़े सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज की है। ब्यूरो ने बताया कि शिकायत, प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर धर्मशाला में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
शिमला
शिकायत के आधार पर दर्ज हुई एफआईआर
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो के अनुसार कांगड़ा जिले के देहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच की गई। जांच के दौरान उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 409 और 420 के तहत थाना स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो, धर्मशाला में एफआईआर दर्ज की गई। ब्यूरो के अनुसार मामले की आगे की जांच निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी है।
सरकारी रिकॉर्ड और बैंक दस्तावेजों की हुई जांच
विजिलेंस ब्यूरो ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान वर्ष 2023 और 2024 में विधायक ऐच्छिक निधि (एमएलए डिस्क्रिशनरी ग्रांट स्कीम) के तहत स्वीकृत आर्थिक सहायता से संबंधित सरकारी रिकॉर्ड, लाभार्थियों के बैंक रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए कि जिन लोगों के नाम पर सहायता स्वीकृत की गई थी, उनमें से कई लोगों ने ऐसी किसी सहायता के लिए आवेदन करने से इनकार किया।
लाभार्थियों के बयानों की भी जांच का हिस्सा
ब्यूरो के अनुसार जांच के दौरान कुछ लाभार्थियों ने कथित रूप से बताया कि उनके बैंक खातों में राशि आने के बाद नकद निकासी की गई और राशि पूर्व विधायक के निर्देशानुसार सौंप दी गई। विजिलेंस का कहना है कि इन दावों का परीक्षण उपलब्ध बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजी साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों के आधार पर किया जा रहा है। मामले में सभी तथ्यों का सत्यापन जांच प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो के अनुसार सत्यापन के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं हुआ तथा जिन व्यक्तियों के नाम पर सहायता स्वीकृत हुई, उन्हें उसका वास्तविक लाभ नहीं मिला। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई है। जांच के दौरान प्राप्त होने वाले अतिरिक्त साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य लोगों की भूमिका की भी होगी जांच
ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अथवा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की संभावना का भी परीक्षण किया जाएगा। ब्यूरो ने कहा कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित तरीके से पूरी की जाएगी तथा जिम्मेदारी का निर्धारण केवल उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुसार होगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
होशियार सिंह ने वर्ष 2017 में देहरा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता था। वर्ष 2022 में उन्होंने लगातार दूसरी बार निर्दलीय विधायक के रूप में जीत दर्ज की। मार्च 2024 में उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिसके बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश ठाकुर ने जीत दर्ज की।
