Loading...

FIR: 17.94 लाख की देनदारी में राहत के बदले पांच लाख मांगने का आरोप, आयकर अधिकारी पर केस

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 12 Sep 2026 • 1 Min Read

FIR: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने शिमला स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में तैनात अधिकारी वरुण खारी के खिलाफ पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कारोबारी को करीब 17.94 लाख रुपये की आयकर देनदारी बताकर रकम कम कराने और मामला निपटाने के बदले रिश्वत मांगी गई। सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिमला

सीबीआई के अनुसार, सोलन जिले के मांगू क्षेत्र के कारोबारी लाभचंद को सात अगस्त को आयकर विभाग से रिकवरी नोटिस मिला था। इसमें आकलन वर्ष 2017 के लिए 8,97,160 रुपये और वर्ष 2018 के लिए 6,010 रुपये की पेनल्टी जमा करने को कहा गया था। कारोबारी ने अपने कंसल्टेंट के माध्यम से आयकर पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कराई। आरोप है कि आठ सितंबर को दस्तावेजों के साथ अधिकारी से मुलाकात के दौरान पेनल्टी के अलावा करीब 8,97,100 रुपये ब्याज की देनदारी भी बताई गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुल देनदारी करीब 17.94 लाख रुपये बताने के बाद राहत दिलाने और मामला निपटाने के एवज में पांच लाख रुपये मांगे गए। कारोबारी की शिकायत पर सीबीआई ने नौ सितंबर को सत्यापन शुरू किया। शुरुआती संपर्क 103 बस स्टॉप के पास हुआ और इसके बाद फागली स्थित सरकारी क्वार्टर में टीम ने बेस कैंप बनाया। सत्यापन के दौरान कंसल्टेंट के कपड़ों में डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर लगाकर बातचीत रिकॉर्ड की गई। एजेंसी का दावा है कि रिकॉर्डिंग में कथित रिश्वत की मांग से जुड़ी बातचीत सामने आई।

सत्यापन के बाद दर्ज की गई एफआईआर

जांच एजेंसी के मुताबिक, बातचीत के दौरान पहले चार लाख रुपये देने की मांग की गई। बाद में तीन लाख रुपये तत्काल और दो लाख रुपये एक सप्ताह के भीतर देने पर सहमति बनी। शाम सात बजे तक रकम देने की बात हुई। इसके बाद अधिकारी के व्हाट्सएप नंबर से कंसल्टेंट को कॉल आई और तीन लाख रुपये लेकर टूटू स्थित पावर हाउस के पास पहुंचने की बात तय हुई। शिकायत के सत्यापन के आधार पर सीबीआई ने नौ सितंबर को एफआईआर दर्ज की।

मामले की जांच इंस्पेक्टर सुशील को सौंपी गई है। सीबीआई ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। एजेंसी अब दर्ज बातचीत और शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। अधिकारी के खिलाफ मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है और आरोपों के संबंध में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जा रही है।

Related Topics: •