Fraud / मृत पेंशन लाभार्थियों के खातों से निकासी के आरोप में पूर्व पोस्टमास्टर पर CBI केस दर्ज
Fraud : मंड मझवान शाखा डाकघर में तैनात रहे एक पूर्व ब्रांच पोस्टमास्टर के खिलाफ मृत सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों के खातों से कथित रूप से राशि निकालने के मामले में सीबीआई ने केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार मामले में 9.02 लाख रुपये की कथित अनियमित निकासी की जांच की जा रही है।
शिमला
सीबीआई ने दर्ज किया नियमित मामला
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा शिमला ने जिला कांगड़ा के इंदौरा तहसील के अंतर्गत मंड मझवान शाखा डाकघर में तैनात रहे एक पूर्व ब्रांच पोस्टमास्टर के खिलाफ नियमित मामला दर्ज किया है। शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर दर्ज इस मामले में आरोप है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े कुछ खातों में अनियमित तरीके से लेनदेन किए गए। सीबीआई के अनुसार संबंधित अधिकारी वर्ष 2012 से दिसंबर 2025 तक उक्त शाखा डाकघर में कार्यरत रहा और इसी अवधि से जुड़े कुछ वित्तीय रिकॉर्ड जांच के दायरे में लिए गए हैं।
19 मृत लाभार्थियों के खातों से निकासी का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले कुछ लाभार्थियों का निधन हो गया था। आरोप है कि उनके निधन के बाद संबंधित खातों को नियमानुसार बंद करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। सीबीआई का कहना है कि जांच के दौरान 19 मृत लाभार्थियों के खातों से कथित रूप से राशि निकाले जाने के तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि निकासी के लिए एसबी-7 फॉर्म का उपयोग किया गया और लाभार्थियों के अंगूठों के निशान से संबंधित दस्तावेज भी तैयार किए गए। प्रारंभिक जांच में लगभग 9.02 लाख रुपये की राशि के कथित दुरुपयोग की बात सामने आई है, जिसकी विस्तृत वित्तीय जांच की जा रही है।
दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और प्रक्रिया की हो रही जांच
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े निकासी प्रपत्रों, डाकघर अभिलेखों, बैंकिंग लेनदेन, भुगतान रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कथित निकासी किस प्रक्रिया के तहत की गई और संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज प्रविष्टियां नियमों के अनुरूप थीं या नहीं। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इन लेनदेन में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की क्रमवार जांच की जा रही है।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 316(5), 338 और 340 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ए) के अंतर्गत भी प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि रिकॉर्ड के सत्यापन, दस्तावेजों के परीक्षण और संबंधित पक्षों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।