Government Decision : हिमाचल में अगले शैक्षणिक सत्र से प्रवेश फॉर्म में नहीं होगा जाति का कॉलम
Government Decision: हिमाचल प्रदेश में अगले शैक्षणिक सत्र से प्रवेश फॉर्म में जाति का कॉलम नहीं होगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला में हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह कॉलम हटाने के निर्देश दिए। हालांकि, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति समुदाय के लोग अपनी जाति का विवरण दे सकेंगे।
शिमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने के साथ सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवेश फॉर्म से जाति का कॉलम हटने के बावजूद पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी। योजनाओं के लिए आवश्यक होने पर संबंधित व्यक्ति जाति का विवरण दे सकेंगे, जिससे लाभ देने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहेगी।
पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही है। सरकार का प्रयास है कि इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। बैठक के दौरान मंडी और कांगड़ा जिलों के गैर-सरकारी सदस्यों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया, जिस पर उन्होंने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड के गैर-सरकारी और सरकारी सदस्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण और सशक्तिकरण से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के सरकार के उद्देश्य पर भी जोर दिया गया।