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राजगढ़ कॉलेज में आरएएमपी योजना की कार्यशाला, 100 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 59 Mins Ago • 1 Min Read

राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ में बुधवार को आरएएमपी योजना के तहत जिला स्तरीय प्रथम सेंसिटाइजेशन कार्यशाला आयोजित की गई। प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र में हुई इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना था। इसमें 100 से अधिक विद्यार्थियों को स्टार्टअप, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों और स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसाय की संभावनाओं की जानकारी दी गई।

राजगढ़

हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र और उद्योग विभाग हिमाचल प्रदेश के सहयोग से द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी, पांवटा साहिब के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला आयोजित हुई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, स्वरोजगार की संभावनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग के बारे में बताया। उन्हें उद्यम स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से उपलब्ध विभिन्न योजनाओं और सहयोग की जानकारी भी दी गई।

प्रशिक्षण और मार्गदर्शन पर जोर

विद्यार्थियों को बताया गया कि प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को व्यावसायिक एवं तकनीकी कौशल के साथ आवश्यक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जाएगा। केंद्र का उद्देश्य युवाओं को रोजगार तलाशने तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करना है। कार्यशाला में आत्मनिर्भर बनने, नए व्यावसायिक अवसर तलाशने, नवाचार अपनाने और स्थानीय संसाधनों को व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।

आयोजकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को समय पर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और उचित अवसर उपलब्ध करवाना जरूरी है। कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ की प्राचार्य डॉ. मीनू भास्कर, डॉ. हीरा छेत्री, प्रो. अंकुर, जिला उद्योग विभाग राजगढ़ के ईओ जोगेंद्र अत्री, सहायक प्रबंधक हर्ष कुमार, सचिव माम राज, द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी के संयोजक रोहित शर्मा, महाविद्यालय का स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।