Government Decision: राहत पैकेज की अतिरिक्त राशि पर दो दिन में रिपोर्ट देंगे सभी उपायुक्त
राहत पैकेज पर सरकार सख्त, सभी डीसी को दो दिन में बतानी होगी अतिरिक्त राशि
शिमला। प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान अधिसूचित विशेष राहत पैकेजों के तहत पात्र प्रभावितों को सहायता राशि वितरित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी डीसी को आदेश जारी कर दो दिन के भीतर यह बताने को कहा है कि राहत राशि के वितरण के लिए उनके जिलों को वास्तव में कितनी अतिरिक्त धनराशि की जरूरत है।
राजस्व विभाग की ओर से 15 सितंबर को जारी पत्र में कहा गया है कि विशेष राहत पैकेजों के क्रियान्वयन के लिए जिलों और प्रभावित जिलों को समय-समय पर धनराशि जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद कुछ मामलों में पात्र लाभार्थियों को सहायता वितरित करने के लिए अतिरिक्त राशि की आवश्यकता सामने आई है। ऐसे में अब जिलों से वास्तविक और तत्काल जरूरत का आकलन मांगा गया है।
विभाग ने साफ किया है कि अतिरिक्त धनराशि की मांग केवल वास्तविक और तत्काल आवश्यकता के आधार पर की जाए। महज राशि अपने पास रखने या भविष्य में संभावित जरूरत को देखते हुए फंड की मांग नहीं की जा सकेगी। पहले से जारी अथवा प्राप्त सभी धनराशि को भी मांग तैयार करते समय समायोजित करना होगा।
दूसरी योजनाओं से मिली सहायता का भी होगा समायोजन
उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य आपदा मोचन निधि, राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा किसी अन्य सरकारी योजना के तहत उपलब्ध कराई गई सहायता का पूरा हिसाब रखा जाए। इन स्रोतों से मिली राशि को समायोजित करने के बाद ही शुद्ध अतिरिक्त धनराशि की जरूरत विभाग को भेजनी होगी।
दोनों वित्तीय वर्षों का हिसाब अलग-अलग
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की जरूरत को जोड़कर एक संयुक्त आंकड़ा नहीं भेजा जाएगा। दोनों वर्षों के दौरान अधिसूचित विशेष राहत पैकेजों के लिए आवश्यक राशि अलग-अलग दर्शानी होगी।
विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि मांगी गई राशि का उपयोग मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही किया जा सके और पात्र लाभार्थियों को समय पर वितरित की जाए। इसका उद्देश्य वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर धनराशि के बिना उपयोग पड़े रहने अथवा वापस सरेंडर होने की स्थिति से बचना है।
जिला स्तर पर सत्यापन के बाद भेजनी होगी रिपोर्ट
राजस्व विभाग ने सभी डीसी को निर्देश दिए हैं कि अतिरिक्त राशि की मांग भेजने से पहले पूरी जानकारी का जिला स्तर पर विधिवत सत्यापन किया जाए। सत्यापन के बाद रिपोर्ट दो दिन के भीतर विभाग को भेजनी होगी। मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
पत्र के अंत में अतिरिक्त सचिव (राजस्व-आपदा प्रबंधन) सुनील वर्मा, एचपीएएस ने सभी उपायुक्तों से इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा है।