राजगढ़ धरने में जीआर मुसाफिर का आरोप, भाजपा सरकार दबा रही विपक्ष की आवाज
राजगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के धरने को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जीआर मुसाफिर ने भाजपा सरकार पर संविधान की भावना के खिलाफ काम करने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने और संबंधित लोगों पर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
नाहन/राजगढ़
मंगलवार को पच्छाद कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा थूनु की अगुवाई में आयोजित धरने के दौरान जीआर मुसाफिर ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड में हुए कार्यक्रम के बाद आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा कार्यक्रम स्थल का कथित रूप से शुद्धिकरण किया जाना शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना से दलित समुदाय के प्रति भाजपा और उससे जुड़े संगठनों की मानसिकता सामने आई है। मुसाफिर ने इसे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत बताया।
मुसाफिर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जब इस मामले को लेकर आवाज उठाई तो उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर दलित समुदाय का अपमान करने के आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ भाजपा सरकारों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। धरने में शामिल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और राहुल गांधी के विरुद्ध दर्ज मामला वापस नहीं लिया गया तो पार्टी कार्यकर्ता देशभर में आंदोलन तेज करेंगे।
धरने में पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष परीक्षा चौहान, विवेक शर्मा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश आर्य, ज्योति साहनी, सुमन चौहान, रणजीत ठाकुर, दिलावर सिंह, शहरी कांग्रेस अध्यक्ष अजय चौहान, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम ठाकुर, प्रधान सुरेंद्र भुट्टो, बलवीर सिंह, बलवीर वर्मा, धर्मेंद्र कंवर और भूपेंद्र ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और भाजपा सरकारों की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
