Loading...

Gram Panchayat Roster / नाहन ब्लॉक की 28 पंचायतों के प्रधान पदों का आरक्षण जारी, कई सीटों पर बदले समीकरण

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / नाहन

Gram Panchayat Roster : पंचायती राज चुनावों को लेकर जिला सिरमौर में ग्रामीण सियासत तेज हो गई है। उपायुक्त कार्यालय नाहन की ओर से विकास खंड नाहन की ग्राम पंचायतों के प्रधान पदों के आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी गई है। आरक्षण सूची सामने आने के बाद विभिन्न पंचायतों में संभावित दावेदारों और समर्थकों के बीच चुनावी हलचल बढ़ गई है। कई पंचायतों में इस बार महिला और आरक्षित वर्ग के लिए सीटें तय होने से चुनावी समीकरण नए सिरे से बनते दिखाई दे रहे हैं।

नाहन / जारी अधिसूचना के अनुसार विकास खंड नाहन की ग्राम पंचायतों में प्रधान पदों का आरक्षण इस प्रकार निर्धारित किया गया है—

पंचायतआरक्षण श्रेणी
सलानी कटोलाअनुसूचित जाति महिला
बनकलाअनुसूचित जाति महिला
बर्मा पापड़ीअनुसूचित जाति महिला
सुरलाअनुसूचित जाति महिला
नाहनअनुसूचित जाति महिला
नाहन-दोमहिला
आम्बवाला सैनवालाअनुसूचित जाति
सतीवालाअनुसूचित जाति
पालियोंअनुसूचित जनजाति महिला
मात्तरअनुसूचित जनजाति महिला
नलकाअन्य पिछड़ा वर्ग महिला
त्रिलोकपुरअनारक्षित
नेहली धीड़ाअन्य पिछड़ा वर्ग
क्यारीअनारक्षित
चाकलीअन्य पिछड़ा वर्ग महिला
देवका पुडलाअनुसूचित जाति
पंजाहलमहिला
कौलावाला भूडअनुसूचित जाति
बनेठीमहिला
देवनीमहिला
नावनीमहिला
धगेड़ाअनारक्षित
विक्रमबागअनारक्षित
सैन की सेरअनारक्षित
रामा धौणअनारक्षित
काला आंबअनारक्षित
मोगीनंदअनारक्षित
नगल सुकेतीअनुसूचित जनजाति

आरक्षण सूची जारी होने के बाद अब पंचायत स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है। महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पंचायतों में नए चेहरे सामने आने की संभावना बढ़ गई है, जबकि अनारक्षित पंचायतों में भी चुनावी जोड़-तोड़ और रणनीति का दौर शुरू हो गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में अब संभावित उम्मीदवारों, समर्थकों और स्थानीय समूहों के बीच बैठकों और राजनीतिक चर्चा का सिलसिला तेज होने की संभावना है। पंचायत प्रधान पदों के लिए जारी यह आरक्षण आगामी चुनावी तस्वीर तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह आरक्षण प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 तथा पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के प्रावधानों और शासन स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के तहत लागू की गई है।