उत्तर प्रदेश स्थित वाराणसी में ज्ञानवापी और श्रृंगार गौरी मामले पर वाराणसी जिला जज की अदालत का फैसला आ गया है। अदालत ने कहा, ज्ञानवापी केस सुनने लायक है और मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी गई है। कोर्ट ने हिंदू पक्ष के हक में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कहा कि, मुकदमा न्यायालय में चलने योग्य है।
जिला जज ने मुस्लिम पक्ष के रूल 7 नियम 11 के आवेदन को खारिज किया है। यहां ये भी जान लीजिए कि अब मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट जाने का फैसला लिया है। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने अदालत से बाहर आने के बाद कहा कि अदालत ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि मुकदमा विचारणीय है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
जानें क्या थी याचिका?
18 अगस्त 2021 को विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन के नेतृत्व में राखी सिंह सहित पांच महिलाओं ने सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर के कोर्ट में एक मुकदमा दाखिल किया। मुकदमे में पांचों महिलाओं ने मांग की थी कि ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी के मंदिर में नियमित दर्शन पूजन की अनुमति मिले। ज्ञानवापी परिषद में अन्य देवी देवताओं के विग्रह की सुरक्षा का मुकम्मल इंतजाम है। इस याचिका पर 23 अगस्त की सुनवाई में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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