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सरकार ने कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना लागू की, बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत वहन करेगी राज्य सरकार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 28 Jun 2026 • 1 Min Read

राज्य सरकार ने वन-टाइम सेटलमेंट नीति के तहत कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को उनके कृषि ऋण पर बकाया ब्याज में राहत दी जाएगी और राज्य सरकार उस बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत वहन करेगी।

शिमला

वन-टाइम सेटलमेंट नीति के तहत लागू होगी योजना

राज्य सरकार ने बजट घोषणा के अनुरूप कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना लागू करने का निर्णय लिया है। यह योजना वन-टाइम सेटलमेंट नीति के तहत संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य उन पात्र किसानों को राहत देना है, जिनकी कृषि ऋण अदायगी लंबित है और जिनकी कृषि भूमि ऋण चुकौती न होने की स्थिति में नीलामी की प्रक्रिया के दायरे में आ सकती है। योजना के माध्यम से ऐसे मामलों में ऋण नियमितीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रावधान किया गया है।

6,356 किसानों को मिलने की संभावना

योजना के तहत प्रति किसान तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। सरकार ने इस योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इससे प्रदेश के लगभग 6,356 किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। योजना का क्रियान्वयन हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक तथा कांगड़ा सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के माध्यम से किया जाएगा। संबंधित बैंक शाखाएं पात्र किसानों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करेंगी और आगे की प्रक्रिया उसी आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने योजना की जानकारी दी

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह योजना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है। उनके अनुसार, इससे उन किसानों को सहायता मिलेगी जिन पर कृषि ऋण का बकाया है और जो समय पर भुगतान नहीं कर पाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्याज अनुदान मिलने से ऋण का नियमितीकरण आसान होगा और किसानों को अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि योजना का क्रियान्वयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि पात्र किसानों को समय पर लाभ मिल सके।

कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए भी काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक रूप से उत्पादित फसलों के लिए समर्थन मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करना, किसानों की आय से जुड़े अवसरों को बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन देना है।