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हिमाचल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ की फॉरेंसिक जांच में पुष्टि

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

मैट्रिक परीक्षा 2025 से जुड़े उत्तर पुस्तिका मामले में फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट में छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मामले की जांच के बाद प्रभावित विद्यार्थियों को नियमानुसार अंकों का लाभ देने का निर्णय लिया है। बोर्ड प्रशासन ने जांच रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेज आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेज दिए हैं।

धर्मशाला

फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट में हुई पुष्टि

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्च 2025 में आयोजित मैट्रिक परीक्षा से जुड़े उत्तर पुस्तिका मामले में फॉरेंसिक जांच के दौरान छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि बिलासपुर जिले के एक परीक्षा केंद्र से संबंधित शिकायत मिलने के बाद बोर्ड ने मामले की विस्तृत जांच करवाई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद बोर्ड ने प्रभावित विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए हैं।

बिलासपुर जिले के परीक्षा केंद्र से जुड़ा है मामला

यह मामला बिलासपुर जिला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता परीक्षा केंद्र से संबंधित है। इस केंद्र में कुल 40 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें राजकीय उच्च पाठशाला जेओरा के 11 छात्र भी शामिल थे। परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कला संकाय विषय के 9 विद्यार्थियों ने बोर्ड को लिखित शिकायत देकर बताया था कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के एमसीक्यू यानी बहुविकल्पीय प्रश्नों वाले भाग में बदलाव किया गया है। शिकायत मिलने के बाद बोर्ड प्रशासन ने प्रारंभिक स्तर पर रिकॉर्ड की जांच की और मामले को तकनीकी जांच के लिए आगे बढ़ाया।

विशेषज्ञों की मौजूदगी में करवाई गई जांच प्रक्रिया

बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा के अनुसार शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विद्यार्थियों को बोर्ड मुख्यालय बुलाया गया, जहां विशेषज्ञों की उपस्थिति में उन्हें उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई गईं। इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उत्तर पुस्तिकाओं को क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला धर्मशाला भेजा गया। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में उत्तर पुस्तिकाओं के एमसीक्यू भाग में छेड़छाड़ की पुष्टि की गई, जिसके बाद बोर्ड ने मामले को गंभीर प्रशासनिक विषय मानते हुए विस्तृत जांच आगे बढ़ाई।

टैंपर-प्रूफ लिफाफों के सीरियल नंबर में मिली विसंगति

मामले की जांच के लिए गठित विशेष समिति ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, पैकिंग रिकॉर्ड और उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित भंडारण से संबंधित जानकारी की भी जांच की। समिति की जांच में यह पाया गया कि जिन टैंपर-प्रूफ लिफाफों में उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित रखी गई थीं, उनके सीरियल नंबर पैकिंग मेमो में दर्ज नंबरों से मेल नहीं खा रहे थे। जांच समिति ने इसे प्रक्रिया में अनियमितता का महत्वपूर्ण बिंदु माना है। बोर्ड प्रशासन के अनुसार मामले से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों को रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।

प्रभावित विद्यार्थियों को मिलेगा नियमानुसार अंकों का लाभ

बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध जांच रिपोर्ट और समिति की सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि जिन प्रश्नों से संबंधित छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है, उन पर प्रभावित विद्यार्थियों को नियमानुसार पूरा लाभ दिया जाएगा। बोर्ड ने कहा है कि विद्यार्थियों के परिणाम और शैक्षणिक भविष्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए निर्धारित नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। बोर्ड प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में विद्यार्थियों की कोई भूमिका सामने नहीं आई है।

आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेजी गई रिपोर्ट

स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मामले से संबंधित सभी दस्तावेज, जांच रिपोर्ट और समिति की अनुशंसाएं आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेज दी हैं। बोर्ड प्रशासन ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निर्धारित प्रक्रियाओं को बनाए रखने के लिए नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में परीक्षा संचालन और उत्तर पुस्तिका सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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