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हिमाचल में 25 फीसदी से कम बोर्ड परीक्षा परिणाम देने वाले 50 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 41 Mins Ago • 1 Min Read

स्कूल शिक्षा निदेशालय ने दसवीं और बारहवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा शुरू करते हुए 25 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले 50 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। संबंधित शिक्षकों को 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिमला

कम परीक्षा परिणाम वाले मामलों की शुरू हुई समीक्षा

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की स्कूल शिक्षा निदेशालय ने विषयवार और विद्यालयवार समीक्षा शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत दसवीं और बारहवीं कक्षा में 25 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले 50 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने संबंधित शिक्षकों से परीक्षा परिणाम कम रहने के कारणों, कक्षा स्तर पर की गई शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों से जुड़ी जानकारी सहित विस्तृत जवाब मांगा है। यह समीक्षा राज्य के उन स्कूलों पर केंद्रित है, जहां लगातार कमजोर परिणाम सामने आए हैं।

15 दिनों के भीतर देना होगा स्पष्टीकरण

नोटिस में शिक्षकों से 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जवाब में कम परिणाम के कारणों के साथ यह भी बताया जाए कि संबंधित कक्षाओं में पढ़ाई, मूल्यांकन और तैयारी के लिए क्या कदम उठाए गए थे। प्राप्त स्पष्टीकरणों की जांच के बाद विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। स्कूलों और विषयों के आधार पर तैयार की जा रही रिपोर्ट के आधार पर भी समीक्षा आगे बढ़ाई जा रही है।

संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई

शिक्षा विभाग के अनुसार यदि किसी शिक्षक का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित मामलों में विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। नियमों के अनुसार आवश्यक होने पर वार्षिक वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने जैसे प्रावधानों पर भी विचार किया जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्रवाई का आधार परीक्षा परिणाम, उपलब्ध रिकॉर्ड और प्रस्तुत किए गए जवाब होंगे। समीक्षा का उद्देश्य परिणामों में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय करना और भविष्य में ऐसी स्थिति दोहराने से रोकना है।

शिक्षा गुणवत्ता सुधारने पर विभाग का जोर

स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार के लिए परीक्षा परिणामों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। विभाग का कहना है कि परिणामों के विश्लेषण के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि स्कूल स्तर पर पढ़ाई की स्थिति और बोर्ड परीक्षाओं के प्रदर्शन में सुधार किया जा सके।

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