Himachalnow / चंबा
कूड़ा संयंत्र में आग से बढ़ी चिंता
हाल ही में, चंबा जिला के कोराहा कूड़ा संयंत्र में लगी भीषण आग ने ग्राम पंचायतों के लोगों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। करोड़ों की मशीनरी जलकर राख हो गई और अभी तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है। इससे आसपास के इलाकों में धूल का गुबार फैल रहा है, जो न केवल प्रदूषण बढ़ा रहा है बल्कि लोगों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर डाल रहा है।
पारिस्थितिकी और स्वास्थ्य पर असर
पंचायत के उपप्रधान, भुवनेश कटोच ने इस पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कूड़ा संयंत्र में आग लगना अब एक आम बात हो गई है। उन्होंने बताया कि कूड़े के ढेर में लगने वाली आग से निकलने वाला जहरीला धुआं आसपास के सैकड़ों लोगों को बीमारियों का शिकार बना रहा है। कटोच ने यह भी सवाल उठाया कि इस प्रदूषण से प्रभावित लोगों का इलाज कौन करेगा और क्या प्रशासन इस स्थिति को गंभीरता से लेगा?
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स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचाने की अपील
भुवनेश ने इस कूड़ा संयंत्र को सात पंचायतों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बंद करने की मांग की। “हमारा मुख्य उद्देश्य यह है कि इस संयंत्र से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन शीघ्र कार्रवाई करे,” उन्होंने कहा।
विधायक ने दिए कड़े निर्देश
इस मुद्दे पर चंबा सदर विधायक नीरज नैयर ने भी सक्रियता दिखाते हुए स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और लोगों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि कूड़ा संयंत्र में लगी आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जाए और वातावरण को प्रदूषण मुक्त किया जाए। विधायक ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि इस विषय पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर प्रशासन से अपील
विधायक ने कूड़ा संयंत्र में जलने वाली प्लास्टिक और अन्य कचरे के कारण आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का ख्याल रखा है। उन्होंने डीसी साहब से आग्रह किया कि जेसीबी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजकर कूड़ा संयंत्र से आग को पूरी तरह से बुझाया जाए। “जब तक आग पूरी तरह से बुझ नहीं जाती, हम उसे हटाने का प्रयास करेंगे,” उन्होंने कहा।
समस्या का समाधान जल्द निकाला जाएगा
विधायक ने यह भी कहा कि इस मामले का समाधान शीघ्र निकाला जाएगा और अगले कुछ महीनों में इस पर पूरी तरह से ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय लोगों और पंचायतों की चिंता को देखते हुए प्रशासन इस मामले को प्राथमिकता से हल करेगा।
प्रदूषण और स्वास्थ्य पर प्रभाव
यह मामला केवल एक कूड़ा संयंत्र से जुड़ी आग का नहीं, बल्कि इसने प्रदूषण और लोगों के स्वास्थ्य पर दूरगामी असर डालने की संभावना को भी उजागर किया है। पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए अब समय आ गया है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए और जल्दी समाधान निकाला जाए।
यह स्थिति न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है, बल्कि स्थानीय समुदाय की भी एकजुटता की आवश्यकता है ताकि इस प्रदूषण के संकट से निपटा जा सके।
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