हिमाचल में वर्तमान सरकार के दौरान कोई पेपर लीक नहीं हुआ: कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वर्तमान राज्य सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कई कदम उठाए हैं।
शिमला
नड्डा के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। उनके अनुसार, प्रदेश में पेपर लीक से जुड़े मामले पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए थे, जिनमें हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग से संबंधित प्रकरण भी शामिल था।
भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का किया उल्लेख
विनय कुमार ने कहा कि दिसंबर 2022 में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद जेओए आईटी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला सामने आया था। उन्होंने कहा कि इस मामले के बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए फरवरी 2023 में हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग को भंग किया तथा अनियमितताओं से जुड़े मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई। उनके अनुसार, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने आवश्यक सुधारात्मक कदम भी लागू किए।
2025 के कानून का किया उल्लेख
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने ‘हिमाचल प्रदेश लोक परीक्षा, अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2025’ लागू किया है। उन्होंने बताया कि इस कानून में पेपर लीक जैसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक के कारावास और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उनका कहना था कि इस कानून का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूत करना है।
केंद्र सरकार से भी कार्रवाई की मांग
विनय कुमार ने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार को भी राष्ट्रीय स्तर पर पेपर लीक से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने नीट और सीबीएसई से संबंधित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि संबंधित मामलों में जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जानी चाहिए तथा छात्रों की मांगों पर भी विचार किया जाना चाहिए।