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स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए हिमाचल सरकार ने भर्ती 20 प्रतिशत और इनसेंटिव योजनाओं का किया ऐलान

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 28 May 2026 • 1 Min Read

हिमाचल सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से डॉक्टरों के लिए 20 प्रतिशत इनसेंटिव योजना लागू करने की घोषणा की है। इसके साथ ही राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में विभिन्न श्रेणियों के रिक्त पदों को भरने, पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती करने और पोस्ट ग्रेजुएशन सीटों में वृद्धि करने के फैसले भी लिए गए हैं।

शिमला

डॉक्टरों के लिए 20 प्रतिशत इनसेंटिव योजना की घोषणा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के डॉक्टरों के लिए विशेष इनसेंटिव योजना लागू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत चिकित्सकों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त इनसेंटिव प्रदान किया जाएगा। इस योजना का लाभ मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी मिलेगा। सरकार का उद्देश्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में फैकल्टी की कमी को कम करना है। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और मेडिकल शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा भी की गई।

मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में भर्ती को मंजूरी

राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया है। बैठक में चिकित्सा महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 110 पद भरने को मंजूरी दी गई। इसके अलावा अस्पतालों की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पैरामेडिकल स्टाफ के 120 पदों पर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के भीतर मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ तथा तकनीकी कर्मचारियों के सभी रिक्त पद भरने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की कमी दूर की जा सके।

पीजी सीटें बढ़ाने का निर्णय

राज्य सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के तहत विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया है। आईजीएमसी शिमला में 96 पीजी सीटें बढ़ाई जाएंगी, जबकि डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में 67 और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में 57 अतिरिक्त सीटें स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में 33, डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में 32 तथा लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय मंडी में 29 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीजी सीटों में वृद्धि से विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और जिला स्तर पर मरीजों को विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक उपकरण लगाने की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसके तहत लगभग 3000 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में नई मशीनें, अत्याधुनिक जांच उपकरण और अन्य चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार द्वारा रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, कार्डियोलॉजी और अन्य विभागों में आधुनिक तकनीक आधारित उपकरण स्थापित करने की योजना बनाई गई है। बैठक में आईजीएमसी शिमला में नए मातृ एवं शिशु अस्पताल के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने और परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला और उपमंडल स्तर के अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। सरकार चिकित्सा शिक्षा, अस्पताल प्रबंधन, उपकरणों की उपलब्धता और मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरे किए जाएं।

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