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हिमाचल में नशा जागरूकता अभियान का शुभारंभ, राज्यपाल ने बच्चों और युवाओं में प्रारंभिक जागरूकता पर दिया जोर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने नशे की रोकथाम के लिए बच्चों और युवाओं में प्रारंभिक स्तर से जागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से नशा जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने का आह्वान किया।

शिमला

राजभवन में राज्यव्यापी नशा जागरूकता अभियान का शुभारंभ

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने बुधवार को राजभवन स्थित लोक भवन में अनुव्रत विश्व भारती सोसायटी द्वारा आयोजित ‘एलीवेट- एक्सपीरियंस द रियल हाई, ए स्टेप टुवर्ड्स ड्रग-फ्री हिमाचल’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सोसायटी के राज्यव्यापी नशा जागरूकता अभियान की भी शुरुआत की गई, जिसे आगामी चरणों में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों के बीच नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता से नशा रोकथाम संबंधी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

बच्चों में प्रारंभिक जागरूकता और सामूहिक सहभागिता पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही इसके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और प्रशासन को समन्वित प्रयासों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने चाहिए, ताकि युवा वर्ग को नशे से जुड़े जोखिमों के प्रति समय रहते जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

युवाओं, शिक्षकों और संस्थानों की भूमिका पर दिया बल

राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए युवाओं का स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण से जुड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षक नियमित संवाद, मार्गदर्शन और परामर्श के माध्यम से विद्यार्थियों को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नशा जागरूकता अभियानों को प्रभावी रूप से जमीनी स्तर पर लागू किया जाए तो हिमाचल प्रदेश में नशा रोकथाम संबंधी प्रयासों को और सुदृढ़ किया जा सकता है।

पुस्तिका का विमोचन और जागरूकता कार्यों को मिला प्रोत्साहन

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने नशा जागरूकता विषय पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन किया तथा इस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बन सकते हैं। कार्यक्रम में अभियान के उद्देश्यों और आगामी गतिविधियों की भी जानकारी साझा की गई।

मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम में एनआईटी जालंधर के निदेशक एवं एनआईटी श्रीनगर के अतिरिक्त निदेशक प्रो. विनोद कुमार कनोजिया ने युवाओं में मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग के प्रभावों के प्रति भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। इससे पूर्व एलीवेट के राष्ट्रीय आउटरीच प्रमुख संयोग दत्त शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। कार्यक्रम में विद्या भारती हिमाचल प्रदेश के संगठन मंत्री ज्ञान कुमार, समाजसेवी गोपाल किशन, अनुव्रत विश्व भारती सोसायटी के सदस्य मनीष शर्मा, विभिन्न शिक्षाविद, समाजसेवी, संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया।