राज्यपाल ने हिमाचली हथकरघा और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ावा देने पर दिया जोर
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने नई दिल्ली में हिमाचल एम्पोरियम का दौरा किया और हिमाचली हथकरघा व हस्तशिल्प उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता का अवलोकन किया। उन्होंने ऐसे मंचों को राज्य के स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए महत्वपूर्ण बताया।
नई दिल्ली
हिमाचली हथकरघा और हस्तशिल्प का राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रचार
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने नई दिल्ली में हिमाचल एम्पोरियम का दौरा किया और हिमाचली हथकरघा तथा हस्तशिल्प उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदर्शित उत्पादों में दिखाई गई पारंपरिक कारीगरी और सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया और अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ संवाद करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे मंच स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार में सहायक हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि हिमाचली हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन को निरंतर जारी रखा जाए।
स्थानीय कारीगरों के लिए विपणन अवसर और ब्रांड मूल्य संवर्धन
श्री गुप्ता ने स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों के लिए बेहतर विपणन अवसर और आधुनिक बुनियादी ढांचे की उपलब्धता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता, नवाचार और प्रभावी विपणन रणनीतियों के माध्यम से ब्रांड मूल्य बढ़ाया जाए। राज्यपाल ने यह भी कहा कि हिमाचली उत्पाद अपनी गुणवत्ता, प्रमाणिकता और आकर्षक डिजाइन के लिए प्रसिद्ध हैं और इनके घरेलू एवं वैश्विक बाजार में विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। इस अवसर पर एम्पोरियम के अधिकारी भी उपस्थित थे और उन्होंने उत्पादों के बेहतर प्रदर्शन और विपणन के लिए अपनी योजना साझा की।