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हिमाचल सरकार 11.56 करोड़ रुपये से शुरू करेगी ‘खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान’, खेलों के जरिए बढ़ेगी जागरूकता

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 22 Jul 2026 • 1 Min Read

प्रदेशभर में खेल प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। सरकार ने अभियान के संचालन के लिए 11.56 करोड़ रुपये खर्च करने और स्थानीय स्तर पर व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की है।

शिमला

खेलों के माध्यम से नशा रोकथाम पर रहेगा फोकस

हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने और नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान’ शुरू करने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में आयोजित समीक्षा बैठक में अभियान की रूपरेखा, संचालन व्यवस्था और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की। सरकार के अनुसार यह अभियान केवल खेल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जनभागीदारी आधारित राज्यव्यापी जागरूकता कार्यक्रम के रूप में संचालित किया जाएगा ताकि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके और समाज में नशा विरोधी संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

3,758 ग्राम पंचायतों सहित पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा अभियान

सरकार ने बताया कि अभियान प्रदेश की सभी 3,758 ग्राम पंचायतों, 8 नगर निगमों, 29 नगर परिषदों और 39 नगर पंचायतों तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा उन 235 ग्राम पंचायतों में विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिन्हें चिट्टा की समस्या से अधिक प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, खेल गतिविधियां और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से युवाओं तथा आम नागरिकों तक नशे के दुष्प्रभाव और उससे बचाव का संदेश पहुंचाया जाएगा।

उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित होंगी प्रतियोगिताएं

अभियान के तहत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर किया जाएगा। प्रतियोगिताओं के संचालन, तकनीकी व्यवस्था और निगरानी के लिए विशेष समितियां गठित की जाएंगी। इन समितियों में खेल संघों के रेफरी, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि प्रतियोगिताओं का संचालन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा सके और सभी स्तरों पर समन्वय बना रहे।

11.56 करोड़ रुपये की लागत से होगा आयोजन, विजेता टीमों को मिलेंगे पुरस्कार

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों के लिए 11.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस पहल के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और नियमित खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक युवा खेल गतिविधियों से जुड़ सकें।

सरकार, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय निकायों की होगी संयुक्त भागीदारी

राज्य सरकार के अनुसार अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसमें शिक्षण संस्थान, खेल संगठन, पंचायती राज संस्थाएं, स्थानीय निकाय, पुलिस विभाग, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग तथा नागरिक समाज की सहभागिता रहेगी। सरकार का मानना है कि जागरूकता, खेल गतिविधियों और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से अभियान को प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाया जा सकता है और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सकता है।