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हिमाचल में मक्की के बीज पर सब्सिडी बंद, इस बार किसानों को महंगा मिलेगा बीज

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश में इस बार किसानों को मक्की के बीज पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा, जिसके बाद किसानों को बीज निर्धारित पूरी कीमत पर खरीदना होगा। राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी समाप्त किए जाने के बाद सिंगल और डबल क्रॉस मक्की बीज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कृषि विभाग ने बीज आपूर्ति के लिए ऑर्डर जारी कर दिए हैं।

शिमला

मक्की बीज की कीमतों में बढ़ोतरी

हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को इस बार मक्की के बीज पर सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ने मक्की बीज पर मिलने वाली सब्सिडी को बंद कर दिया है, जिसके बाद किसानों को बीज की पूरी कीमत स्वयं वहन करनी होगी। कृषि विभाग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार सिंगल क्रॉस मक्की बीज की कीमत 125 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है, जबकि डबल क्रॉस बीज 100 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा।पिछले वर्ष सिंगल क्रॉस बीज 118 रुपये प्रति किलो और डबल क्रॉस बीज 95 रुपये प्रति किलो की दर से किसानों को उपलब्ध करवाया गया था। उस समय किसानों को प्रति किलो 20 रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की गई थी। इस बार सब्सिडी समाप्त होने से किसानों को बीज खरीदने पर पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ेगी।

पांच किलो पैकिंग में उपलब्ध होगा बीज

कृषि विभाग के अनुसार मक्की का बीज किसानों को पांच किलो की पैकिंग में उपलब्ध करवाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खरीफ सीजन से पहले विभिन्न जिलों में बीज आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि किसानों को समय पर बीज उपलब्ध हो सके।कृषि विभाग के निदेशक डॉ. रविंद्र सिंह जसरोटिया ने बताया कि मक्की बीज की सप्लाई के लिए आवश्यक ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार सिंगल क्रॉस बीज की कीमत 125 रुपये प्रति किलो और डबल क्रॉस बीज की कीमत 100 रुपये प्रति किलो तय की गई है।

प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज

मौसम विभाग के अनुसार 1 से 7 मई के दौरान प्रदेश में 19.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक है। बिलासपुर में 323 प्रतिशत, शिमला में 234 प्रतिशत, सिरमौर में 317 प्रतिशत और ऊना में 275 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा कांगड़ा और मंडी जिलों में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है।हालांकि चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में मौसम अनुकूल बना रहता है तो इस बार मक्की की बुआई का रकबा बढ़ सकता है और उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।