हिमाचल में पंचायत चुनाव पार्टी आधार पर नहीं होंगे, सीएम सुक्खू ने शिमला बैठक में दिया बयान
Himachalnow / शिमला
शिमला में कांग्रेस कार्यकारिणी गठन के बाद पहली कार्यसमिति बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंचायत चुनाव और महिला आरक्षण को लेकर अहम बयान दिया।उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं होंगे और कांग्रेस कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकते हैं।
शिमला
कांग्रेस मुख्यालय में कार्यसमिति बैठक का आयोजन
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन, शिमला में कार्यकारिणी गठन के बाद पहली कार्यसमिति बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल हुए। बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय, राजनीतिक मामलों तथा आगामी पंचायत चुनावों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण है और इसी क्रम में राजनीतिक मामलों की समिति की भी बैठक हुई।
पंचायत चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख
मुख्यमंत्री सुक्खू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंचायती राज चुनाव पार्टी आधार पर नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने किसी भी कार्यकर्ता को पंचायत प्रधान या ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (BDC) के चुनाव लड़ने से नहीं रोकेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कार्यकर्ता अपनी इच्छा और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार किसी भी क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं और इसमें पार्टी सिंबल की बाध्यता नहीं होगी।
सरकार और संगठन के बीच समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और संगठन के बीच पूरी तरह से समन्वय बना हुआ है और इसी समन्वय को मजबूत करने के लिए समय-समय पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आज की बैठक में भी आगामी पंचायत चुनावों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और रणनीतिक पहलुओं पर विचार साझा किया गया।
महिला आरक्षण बिल पर भाजपा को लेकर टिप्पणी
महिला आरक्षण बिल को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बिना परिसीमन के इस तरह के बिल को लागू करना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में रही है और इस दिशा में लगातार काम किया गया है।
महिला आरक्षण नीति का ऐतिहासिक संदर्भ
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में पहले भी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल पहले ही की जा चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व नेतृत्व द्वारा महिला अधिकारों के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया।