हिमाचल में पेट्रोल-डीजल पर अधिकतम 5 रुपये सेस लगाने के विधेयक को मंजूरी, अधिसूचना जारी
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर अधिकतम 5 रुपये प्रति लीटर तक सेस लगाने के विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी गई है और इस संबंध में विधि विभाग द्वारा अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। हालांकि, सेस की वास्तविक दर का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा आगामी निर्णय के तहत किया जाएगा, जिसके बाद ही इसे लागू करने की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
शिमला
विधेयक को मंजूरी और अधिसूचना जारी
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाने से संबंधित विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी गई है, जिसके बाद विधि विभाग ने इसकी अधिसूचना राजपत्र में जारी कर दी है। यह विधेयक राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पारित किया गया था और राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद अब इसे लागू करने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही संबंधित विभागों को आगामी कार्यवाही के लिए दिशा-निर्देश भी स्पष्ट हो गए हैं।
सेस लगाने का प्रावधान और सीमा
संशोधित प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार को पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर अधिकतम 5 रुपये प्रति लीटर तक सेस लगाने का अधिकार प्राप्त है। यह सेस प्रथम विक्रय बिंदु पर लागू होगा और व्यापारियों के माध्यम से एकत्रित किया जाएगा। हालांकि, सेस की वास्तविक दर का निर्धारण सरकार द्वारा परिस्थितियों और आवश्यकता के अनुसार अधिसूचना के माध्यम से किया जाएगा, जिससे इसके प्रभाव और लागू होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
संशोधन अधिनियम और कानूनी प्रक्रिया
मार्च 2026 में आयोजित विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर संशोधन अधिनियम-2026 को पारित किया गया था। इस अधिनियम के अंतर्गत धारा 6 क में संशोधन करते हुए पेट्रोल और डीजल पर उपकर लगाने का प्रावधान जोड़ा गया है। विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद अब यह कानूनी रूप से प्रभावी प्रक्रिया का हिस्सा बन गया है, जिसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व का उपयोग और उद्देश्य
सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस सेस के माध्यम से एकत्रित की जाने वाली राशि को अनाथ और विधवा कल्याण निधि में जमा किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य निर्धारित वर्गों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस निर्णय को लागू करते समय उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक प्रभाव से बचाव के उपायों को ध्यान में रखा जाएगा।
आगे की प्रक्रिया और निर्णय
विधेयक को स्वीकृति मिलने के बाद अब राज्य सरकार द्वारा सेस की दरों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद अधिसूचना के माध्यम से दरें निर्धारित कर संग्रहण की प्रक्रिया लागू की जाएगी। संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां भी की जा रही हैं, ताकि प्रावधानों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू किया जा सके।
