हिमाचल में पीजी मेडिकल सीटें 277 से बढ़ाकर 597 करने का प्रस्ताव, चम्बा मेडिकल कॉलेज में 32 सीटों की तैयारी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) मेडिकल सीटों का विस्तार करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार कुल सीटें 277 से बढ़ाकर 597 की जाएंगी, जबकि चम्बा मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 32 करने की योजना है।
शिमला
छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों के विस्तार का प्रस्ताव
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्यभर में पीजी सीटों के विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान 277 पीजी सीटों को बढ़ाकर 597 करने की योजना है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो यह राज्य में एक चरण में पीजी मेडिकल सीटों के विस्तार की सबसे बड़ी पहल होगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च चिकित्सा शिक्षा के लिए राज्य के भीतर अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और विभिन्न अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
चम्बा मेडिकल कॉलेज में आठ गुना बढ़ेंगी पीजी सीटें
प्रस्ताव के अनुसार पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, चम्बा में पीजी सीटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 32 करने की तैयारी है। इसके अलावा आईजीएमसी शिमला में सीटें 139 से 230, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में 99 से 156, श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज मंडी में 24 से 79, डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में 3 से 35 तथा डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में 8 से 65 करने का प्रस्ताव रखा गया है। इन सभी संस्थानों में विभागवार आवश्यक संसाधनों और शिक्षण क्षमता के अनुसार सीटों का विस्तार प्रस्तावित है।
218 नए पदों के सृजन से मिलेगा शैक्षणिक और चिकित्सीय सहयोग
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार प्रस्तावित विस्तार की तैयारी के तहत पिछले तीन वर्षों में विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के 218 पद सृजित किए गए हैं। इनमें हमीरपुर में 63, टांडा में 54, मंडी में 36, चम्बा में 32, नाहन में 31 तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी, चमियाना में 2 पद शामिल हैं। इन नियुक्तियों से मेडिकल शिक्षा, विभागीय प्रशिक्षण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सीनियर रेजिडेंट तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे मरीजों के उपचार, मेडिकल शिक्षा, क्लीनिकल प्रशिक्षण और शोध कार्य में सक्रिय योगदान देते हैं तथा फैकल्टी और एमबीबीएस विद्यार्थियों के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि पीजी सीटों में प्रस्तावित बढ़ोतरी से राज्य में अधिक संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार होंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
आधुनिक चिकित्सा शिक्षा के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार जारी
राज्य सरकार के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक बुनियादी ढांचे, अत्याधुनिक जांच सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और शिक्षण संसाधनों का विस्तार लगातार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश के लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित पीजी सीट विस्तार को भी इसी व्यापक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुदृढ़ीकरण योजना का हिस्सा बताया गया है।