हिमाचल प्रदेश में आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों) में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले ट्रेड मर्ज किए जाएंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग पड़ोसी राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर रहा है ताकि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को और मजबूत किया जा सके।
ITI में होने वाले बदलाव:
🔹 कम लोकप्रिय ट्रेडों को किया जाएगा मर्ज
🔹 तकनीकी शिक्षा को और प्रासंगिक बनाने पर जोर
🔹 शिक्षकों और गैर-शिक्षकों का युक्तिकरण होगा
🔹 पास के संस्थानों में ट्रेड शिफ्ट करने पर विचार
15 फरवरी तक मांगी गई रिपोर्ट
👉 आईटीआई प्रिंसिपलों को 15 फरवरी तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश।
👉 कम विद्यार्थियों वाले ट्रेडों की पहचान कर सुझाव देने को कहा गया।
👉 इन ट्रेडों को हटाने या अपडेट करने पर हो सकता है निर्णय।
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ITI में शिक्षकों का युक्तिकरण होगा
📌 शहरों के पास के संस्थानों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक तैनात।
📌 दूरदराज के संस्थानों में शिक्षक कम, विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा।
📌 अब शिक्षकों को उचित अनुपात में अन्य संस्थानों में शिफ्ट किया जाएगा।
संस्थानों के विलय पर विचार
🔸 जिन ITI में कम दाखिले हो रहे हैं, उन्हें नजदीकी संस्थानों के साथ मर्ज किया जाएगा।
🔸 तकनीकी शिक्षा मंत्री ने इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है।
🔸 संस्थान की दूरी और वहां के दाखिलों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
क्या बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री?
👉 “हिमाचल के ITI में कई ट्रेड वर्षों से चल रहे हैं, जिनमें रोजगार की संभावनाएं कम हैं। इन्हें मर्ज करने या बेहतर बनाने पर विचार किया जा रहा है।” – राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री
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