हिमाचल में प्री-प्राइमरी दाखिले के लिए इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया पर रोक
हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूल अब प्री-प्राइमरी कक्षाओं में प्रवेश के लिए बच्चों का साक्षात्कार, परीक्षा या किसी अन्य प्रकार की चयन प्रक्रिया नहीं कर सकेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा केंद्र (रेगुलेशन और पंजीकरण) अधिनियम के तहत इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसका उद्देश्य छोटे बच्चों के लिए दाखिला प्रक्रिया को सहज और तनावमुक्त बनाना है।
हिमाचल प्रदेश
अभी तक कई स्कूलों में प्री-प्राइमरी दाखिले के दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों से विभिन्न प्रकार के सवाल पूछे जाते थे। कुछ स्थानों पर छोटे बच्चों को चयन प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संबंधित स्कूल ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं अपना सकेंगे। अधिसूचना के अनुसार प्री-प्राइमरी प्रवेश से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन करना सभी संबंधित स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा।
नियमों की अनदेखी पर कर सकेंगे शिकायत
यदि कोई स्कूल निर्धारित नियमों के विपरीत बच्चे को प्रवेश देने से इनकार करता है या दाखिला प्रक्रिया में निर्देशों की अनदेखी करता है, तो अभिभावक संबंधित जिला उपायुक्त या निदेशालय के समक्ष शिकायत कर सकेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार शर्मा के अनुसार निजी स्कूलों में किसी भी प्रकार की चयन प्रक्रिया नहीं होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रारंभिक शिक्षा को बच्चों के लिए सरल बनाना और उन्हें बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।