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मंत्री विक्रमादित्य सिंह के चौपाल दौरे में अनुपस्थित रहने पर PWD के तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 22 Jul 2026 • 1 Min Read

लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के चौपाल दौरे के दौरान अनुपस्थित रहने के मामले में लोक निर्माण विभाग ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने अधिकारियों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।

शिमला

मंत्री के दौरे के बाद विभाग ने जारी किए नोटिस

हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के शिमला जिले के चौपाल मंडल के दौरे के दौरान संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर लोक निर्माण विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की है। विभाग की ओर से जारी नोटिस के अनुसार मंत्री का दौरा 19 जुलाई को निर्धारित था, जिसके दौरान उन्हें मलकोट और ननहार क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करना था। विभाग ने इस मामले को विभागीय दायित्वों और निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन से जुड़ा विषय मानते हुए तीन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

दौरे का कार्यक्रम पहले ही भेजा गया था

विभाग के अनुसार मंत्री के दौरे का विस्तृत कार्यक्रम 17 जुलाई को ही सभी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करा दिया गया था। इसके बावजूद जब मंत्री निर्धारित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं थे। विभाग का कहना है कि पूर्व सूचना के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर अनुपस्थिति को गंभीर प्रशासनिक विषय मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अब अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि निर्धारित कार्यक्रम के दौरान वे अपने दायित्वों का निर्वहन क्यों नहीं कर सके।

तीन वरिष्ठ अधिकारियों को जारी हुए नोटिस

प्रमुख सचिव (लोक निर्माण) की ओर से जारी अलग-अलग ज्ञापनों में अधीक्षण अभियंता (सिविल) विजय चौधरी, अधीक्षण अभियंता (सिविल) दीपक राज चौहान (एचपी पीडब्ल्यूडी चौथा सर्किल, शिमला) तथा सहायक अभियंता (सिविल) नितिन ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने सभी अधिकारियों से निर्धारित अवधि के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

तीन दिन में मांगा गया स्पष्टीकरण

विभाग द्वारा जारी नोटिस में तीनों अधिकारियों को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभाग अधिकारियों के जवाब का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद नियमानुसार आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।