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हिमाचल के सरकारी और निजी स्कूलों को स्कूल बैग का वजन कम करने के निर्देश, एटीआर भी होगी अनिवार्य

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के स्कूल बैग का वजन उनके शारीरिक वजन के 10 प्रतिशत तक सीमित रखने के निर्देश जारी किए हैं। सरकारी और निजी विद्यालयों को समय-सारिणी में आवश्यक बदलाव करने, केवल जरूरी किताबें लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आदेशों के अनुपालन की कार्रवाई रिपोर्ट निर्धारित समय में विभाग को भेजने के लिए कहा गया है।

शिमला

स्कूल बैग के वजन को लेकर जारी हुए नए दिशा-निर्देश

स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के भारी स्कूल बैग को लेकर लंबे समय से अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा चिंता व्यक्त की जाती रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला शिमला के उप निदेशक स्कूल शिक्षा (माध्यमिक) ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं मुख्याध्यापकों को नए निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार किसी भी विद्यार्थी के स्कूल बैग का वजन उसके शारीरिक वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उद्देश्य विद्यार्थियों पर अनावश्यक शैक्षणिक बोझ कम करना और उनकी शारीरिक सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विभाग ने बताया कि यह निर्णय प्राप्त शिकायतों और उच्च स्तर से मिले निर्देशों के आधार पर लिया गया है।

समय-सारिणी में बदलाव कर कम किया जाएगा बैग का वजन

शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे अपनी समय-सारिणी (टाइम टेबल) इस प्रकार तैयार करें, जिससे विद्यार्थियों को प्रतिदिन केवल उसी दिन पढ़ाई के लिए आवश्यक पुस्तकें और कॉपियां ही स्कूल लानी पड़ें। साथ ही विद्यालय यह भी सुनिश्चित करेंगे कि छात्र अतिरिक्त किताबें, कॉपियां और अन्य अनावश्यक सामग्री अपने बैग में लेकर न आएं। विभाग का मानना है कि यदि दैनिक शिक्षण कार्यक्रम के अनुसार पुस्तकों का उपयोग किया जाएगा, तो स्कूल बैग का वजन स्वतः नियंत्रित रहेगा और विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

एनएचआरसी के दिशा-निर्देशों का पालन भी अनिवार्य

जारी आदेश में विद्यालयों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा स्कूल बैग के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। विभाग ने निर्देश दिया है कि इन प्रावधानों को विद्यालयों की नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए, ताकि सभी छात्रों के लिए एक समान और सुरक्षित व्यवस्था लागू हो सके। इससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संरक्षण के साथ-साथ विद्यालयों में निर्धारित मानकों का पालन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

विद्यालयों से मांगी गई एक्शन टेकन रिपोर्ट

उप निदेशक स्कूल शिक्षा (माध्यमिक), जिला शिमला ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को इन निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही आदेशों के अनुपालन में की गई कार्रवाई की एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) निर्धारित प्रारूप में तय समय के भीतर विभाग को भेजने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि सभी विद्यालयों में इन दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की जा सके।

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