हिमाचल के स्कूलों में शुरू होगा एआई स्किल कोर्स, कक्षा 6वीं से 12वीं तक पढ़ाया जाएगा विषय
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नए स्किल विषय के रूप में शुरू करने की तैयारी कर रहा है। शिक्षा बोर्ड द्वारा इंटेल इंडिया और विशेषज्ञों के सहयोग से ऐसा पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसमें तकनीकी समझ के साथ प्रायोगिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
धर्मशाला
स्कूलों में शुरू किया जाएगा एआई स्किल विषय
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य के स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को स्किल आधारित विषय के रूप में शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित योजना के अनुसार कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों को एआई से संबंधित बुनियादी जानकारी, तकनीकी समझ और प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकों और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।
इंटेल इंडिया के सहयोग से तैयार होगा पाठ्यक्रम
शिक्षा बोर्ड ने इस कोर्स के विकास के लिए इंटेल इंडिया के साथ सहयोग किया है। बोर्ड की ओर से बताया गया है कि छात्रों की आयु और कक्षा स्तर के अनुसार एआई का पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। इसमें विद्यार्थियों की तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता, कंप्यूटर की समझ और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। कोर्स में सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल गतिविधियों को भी महत्व दिया जाएगा।
विशेषज्ञ समिति ने की कार्यशाला
नए पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा एक विशेष एआई विशेषज्ञ समिति गठित की गई है। समिति की ओर से 22 और 23 मई को दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने की। कार्यशाला में इंटेल इंडिया, हिमाचल केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला कॉलेज और विभिन्न स्कूलों से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में वर्तमान तकनीकी जरूरतों के अनुसार विद्यार्थियों के लिए उपयोगी पाठ्यक्रम तैयार करने पर चर्चा की गई।
सुरक्षित और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग पर रहेगा फोकस
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि बोर्ड और इंटेल इंडिया मिलकर विद्यार्थियों और शिक्षकों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए एआई कोर्स में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य स्कूलों में ऐसा शैक्षणिक वातावरण विकसित करना है, जहां छात्र नई तकनीकों को व्यवस्थित तरीके से सीख सकें।