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प्रदेश भर में पहले की तरह लगते रहेंगे स्मार्ट मीटर, बिजली बोर्ड ने स्थिति की दी जानकारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 50 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर स्थापना अभियान प्रदेशभर में पहले की तरह जारी रहेगा और एक न्यायालय के अंतरिम आदेश का प्रभाव केवल संबंधित व्यक्तिगत मामले तक सीमित था। बोर्ड ने उपभोक्ताओं से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और अभियान में सहयोग करने की अपील की है।

शिमला

स्मार्ट मीटर अभियान पर बोर्ड ने जारी किया स्पष्टीकरण

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने स्मार्ट बिजली मीटरों की स्थापना को लेकर प्रदेशभर में प्रसारित विभिन्न सूचनाओं पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य में चल रहा स्मार्ट मीटर स्थापना अभियान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। बोर्ड के अनुसार, हमीरपुर के सिविल न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश केवल एक उपभोक्ता से जुड़े व्यक्तिगत प्रकरण तक सीमित था और इसका प्रदेश स्तर पर संचालित स्मार्ट मीटर परियोजना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। बोर्ड ने कहा कि योजना के सभी कार्य निर्धारित प्रक्रिया और स्वीकृत कार्यक्रम के अनुरूप जारी हैं।

व्यक्तिगत मामले के बाद फैली थी भ्रामक जानकारी

बोर्ड के अनुसार, हमीरपुर जिले के लंबलू निवासी जैमल सिंह द्वारा दायर याचिका पर सिविल न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित किया था। इसके बाद विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों पर यह जानकारी प्रसारित होने लगी कि प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं था। विभाग ने न्यायालय के अंतरिम आदेश के विरुद्ध विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए अपील भी दायर की, ताकि मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके और उपभोक्ताओं में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

सुनवाई के दौरान विभाग ने रखा कानूनी और तकनीकी पक्ष

बिजली बोर्ड ने बताया कि 13 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान विभाग ने विद्युत अधिनियम, 2003 तथा स्मार्ट मीटर परियोजना से जुड़े सभी आवश्यक कानूनी एवं तकनीकी पहलुओं को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। विभाग ने संबंधित उपभोक्ता को यह भी स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर स्थापित होने के बाद उनका बिजली कनेक्शन पोस्टपेड प्रणाली में ही संचालित रहेगा तथा उनकी स्पष्ट सहमति के बिना उसे प्रीपेड प्रणाली में परिवर्तित नहीं किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद संबंधित उपभोक्ता ने स्मार्ट मीटर लगाने पर सहमति व्यक्त की और अपना वाद वापस ले लिया।

पारदर्शी बिलिंग और बेहतर ऊर्जा प्रबंधन पर बोर्ड का जोर

बोर्ड ने कहा कि स्मार्ट मीटर आधुनिक बिजली वितरण प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके माध्यम से बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनाने, ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर करने, उपभोक्ताओं को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने तथा वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त तकनीकी एवं वाणिज्यिक बिजली हानियों में कमी लाने और भविष्य में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में भी स्मार्ट मीटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बोर्ड ने कहा कि यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से प्रदेशभर में लागू की जा रही है।

उपभोक्ताओं से आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील

बिजली बोर्ड के प्रवक्ता ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। बोर्ड ने कहा कि अपुष्ट अथवा भ्रामक सूचनाओं से बचना चाहिए तथा स्मार्ट मीटर स्थापना अभियान में विभाग का सहयोग करना चाहिए, ताकि योजना का क्रियान्वयन निर्धारित समय के अनुसार पूरा किया जा सके।