हिमाचल के मंदिरों में CCTV निगरानी में होगी चढ़ावे की गिनती, दान राशि सीधे बैंक खाते में होगी जमा
हिमाचल सरकार ने सरकारी स्वामित्व एवं प्रबंधन वाले मंदिरों में सुरक्षा, पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही बढ़ाने के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। नई व्यवस्था के तहत चढ़ावे की गिनती, नकदी जमा, सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रियाओं को अनिवार्य बनाया गया है।
शिमला
नई एडवाइजरी जारी
राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना के बाद हिमाचल सरकार ने राज्य के सरकारी स्वामित्व एवं प्रबंधन वाले मंदिरों में सुरक्षा, पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान से संबंधित कथित चोरी तथा गबन की घटनाओं को रोकने के लिए सभी मंदिरों में एक समान सुरक्षा मानकों को लागू किया जाएगा। जिला उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में सरकारी मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने, आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने तथा निजी प्रबंधन वाले मंदिरों को भी इसी प्रकार की व्यवस्थाएं अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पूरे राज्य में दान प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाई जा सके।
दान पात्र और चढ़ावे की गिनती के लिए नई व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत सभी दान पात्रों को छेड़छाड़-रोधी बनाया जाएगा और प्रत्येक दान पात्र को एक विशिष्ट पहचान संख्या (Unique Identification Number) दी जाएगी। दान पात्र केवल पूर्व निर्धारित तिथि पर अधिकृत समिति की मौजूदगी में ही खोले जाएंगे। चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी तथा जिस कक्ष में गिनती होगी, वहां सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दान की प्राप्ति और गणना की पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और भविष्य में किसी भी प्रकार की जांच या सत्यापन के लिए उपलब्ध हो।
CCTV कवरेज और बैंक खाते में जमा होगी नकदी
एडवाइजरी के अनुसार मंदिरों के प्रवेश और निकास द्वार, दान पात्र, स्ट्रॉन्ग रूम, आभूषण कक्ष तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 180 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि चढ़ावे की गिनती के बाद प्राप्त नकदी को एक कार्य दिवस के भीतर अधिकृत बैंक खाते में जमा कराया जाए तथा मंदिर परिसर में बड़ी मात्रा में नकदी संग्रहित करने से बचा जाए। इससे नकदी प्रबंधन अधिक सुरक्षित होगा और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
सोना-चांदी, विदेशी मुद्रा और अन्य संपत्तियों का अलग रिकॉर्ड
सरकार ने मंदिरों में प्राप्त होने वाली नकदी, सोना, चांदी, आभूषण, विदेशी मुद्रा तथा अन्य मूल्यवान वस्तुओं का अलग-अलग रजिस्टर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जहां संभव होगा, वहां डिजिटल लेखा प्रणाली (Digital Accounting System) अपनाई जाएगी, जिससे रिकॉर्ड का रखरखाव अधिक व्यवस्थित हो सके। इसके साथ ही सभी मूल्यवान वस्तुओं की नियमित इन्वेंटरी तैयार करना, प्रत्येक तिमाही भौतिक सत्यापन करना तथा वार्षिक सरकारी सत्यापन कराना भी अनिवार्य किया गया है। इन उपायों का उद्देश्य मंदिरों की संपत्तियों का सटीक रिकॉर्ड बनाए रखना और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है।
स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षा, कर्मचारी सत्यापन और 30 दिन में अनुपालन रिपोर्ट
एडवाइजरी में मंदिरों के स्ट्रॉन्ग रूम के लिए डबल लॉक व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश केवल अधिकृत अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति में ही संभव होगा। नकदी प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों का समय-समय पर रोटेशन किया जाएगा तथा उनका पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा। सभी सरकारी स्वामित्व एवं प्रबंधन वाले मंदिरों को 30 दिनों के भीतर अपनी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कवरेज, ऑडिट, इन्वेंटरी, बैंकिंग प्रणाली, चिन्हित कमियों और उनके समाधान से संबंधित विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजनी होगी। इन निर्देशों के पालन की निगरानी राज्य स्तर पर निदेशक, भाषा एवं संस्कृति को नोडल अधिकारी के रूप में सौंपी गई है।
डिजिटल दान को मिलेगा बढ़ावा, अनियमितता की सूचना देना होगा अनिवार्य
सरकार श्रद्धालुओं को यूपीआई, क्यूआर कोड, पीओएस मशीन और ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से डिजिटल दान देने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी, जिससे नकद लेनदेन कम हो और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने। इसके अलावा चोरी, गबन, छेड़छाड़ अथवा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की जानकारी तत्काल पुलिस, संबंधित उपायुक्त, कार्यपालक मजिस्ट्रेट, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग तथा राज्य सरकार को देना अनिवार्य होगा। यदि कोई अधिकारी या संबंधित व्यक्ति सूचना छिपाता है या समय पर जानकारी नहीं देता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा अपील
प्रशासन ने नागरिकों से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने और यात्रा के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। इससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।