सोलन: डॉ. वाई.एस. परमार नौणी कृषि विश्वविद्यालय में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने तमिलनाडु के कृषि विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, मदुरई के डीन की फर्जी मोहर और हस्ताक्षर से जाली दस्तावेज तैयार किए थे और विश्वविद्यालय के पुष्प कृषि और भू-दृश्य वास्तुकला विभाग में कोर्स कर रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब नौणी विश्वविद्यालय प्रशासन ने दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान संबंधित विश्वविद्यालय को सर्टिफिकेट भेजे। जांच में पाया गया कि आरोपी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी हैं और मदुरई विश्वविद्यालय से जारी नहीं हुए थे।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
नौणी विवि के पुष्प कृषि और भू-दृश्य वास्तुकला विभाग के प्रिंसिपल डॉ. बलबीर सिंह दिल्टा ने 27 मार्च को पुलिस थाना सदर सोलन में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि 22 से 30 मार्च तक आयोजित किए जा रहे पुष्प कृषि कोर्स में तमिलनाडु के अमरीश प्रकाश नागराज (पुत्र नागराज, निवासी पल्लमवनाथम, तहसील अरुपुकोटटाई, जिला विरुद्ध नगर, तमिलनाडु) ने हिस्सा लिया था।
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कोर्स के दौरान प्रतिभागियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया की गई और आरोपी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को मदुरई कृषि विश्वविद्यालय भेजा गया। वहां से स्पष्ट रूप से पुष्टि की गई कि आरोपी ने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए थे और वह कभी मदुरई विश्वविद्यालय का छात्र नहीं रहा।
आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय में होगा पेश
जांच के बाद पुलिस ने आरोपी अमरीश प्रकाश नागराज को नौणी विश्वविद्यालय से गिरफ्तार कर लिया। एसपी गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की जांच जारी है।
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