हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर जारी है और शिमला समेत कई जिलों में देर रात से लगातार बारिश हो रही है। पेड़ गिरने, भूस्खलन और मकानों को नुकसान की घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
शिमला
विकासनगर, टूटी कंडी और खालिनी में नुकसान, सड़कें बंद
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शिमला में विकासनगर क्षेत्र में पेड़ गिरने से एक भवन की छत टूट गई और सड़क बाधित हो गई। टूटी कंडी में आधा दर्जन से अधिक पेड़ गिरने से कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और मार्ग अवरुद्ध है। खालिनी में ढारा ढहने से छह मजदूर बाल-बाल बचे। हिमुडा कॉलोनी में कार पर भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटना भी हुई।
ऊना, कुल्लू और मंडी में भी बारिश का कहर
ऊना के टकोली गांव में एक घर की दीवार भारी बारिश से गिर गई, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। कुल्लू और मंडी में भूस्खलन से दो गांव प्रभावित हुए हैं, जहां 21 परिवारों ने घर खाली कर दिए हैं। मंडी के टनिपरी गांव में पहाड़ी में बड़ी दरारें आने से नौ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि कुल्लू के टिचना में 12 परिवार रिश्तेदारों के पास शरण ले चुके हैं।
मानसून सीजन में भारी जन-धन हानि
20 जून से 11 अगस्त तक प्रदेश में बारिश से संबंधित हादसों में 229 लोगों की मौत और 323 के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि 36 लोग अब भी लापता हैं। इस दौरान 2,388 घरों-दुकानों, 1,955 गोशालाओं को नुकसान और 1,611 पालतु पशुओं की मौत हुई है। कुल नुकसान का अनुमान 2,007 करोड़ रुपये से अधिक है।
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