हर दिन के 86,400 सेकंड तय करते हैं आपका भविष्य : दिव्या ठाकुर
जीनियस ग्लोबल स्कूल के 19वें स्थापना दिवस समारोह में करीब 600 विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि दिव्या ठाकुर ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने का महत्व बताते हुए प्रतिदिन मिलने वाले 86,400 सेकंड का सदुपयोग करने का संदेश दिया।
सोलन
आनंद विहार स्थित जीनियस ग्लोबल स्कूल का 19वां स्थापना दिवस रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रेरणादायी संदेशों के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में करीब 600 विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, योग, नाटिका और हिमाचली लोक संस्कृति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं सेवानिवृत्त प्रिंसिपल दिव्या ठाकुर ने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर सीखने का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 86,400 सेकंड मिलते हैं और यही सेकंड उसके भविष्य की नींव रखते हैं। यदि समय का सदुपयोग किया जाए तो सफलता निश्चित है, जबकि समय की बर्बादी अवसरों को भी खत्म कर देती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्पष्ट लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत करने, सकारात्मक सोच अपनाने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। अंग्रेजी के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजी केवल परीक्षा का विषय नहीं, बल्कि वैश्विक संवाद की भाषा है। इसे अंक प्राप्त करने तक सीमित न रखकर बेहतर अभिव्यक्ति और ज्ञान अर्जित करने का माध्यम बनाना चाहिए।इस दौरान मुख्य अतिथि ने विद्यालय में आयोजित क्राफ्ट प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कल्पनाशीलता तथा नवाचार की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत प्रार्थना नृत्य से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने लज़ीम, श्लोक वंदना, योग, भरतनाट्यम, शिक्षा पर आधारित नृत्य-नाटिका और हिमाचली लोकनृत्य ‘नाटी’ की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। कक्षा दूसरी की छात्रा टिआना ने कैसियो वादन से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया।
विद्यालय की प्रबंध निदेशक नीति शर्मा ने मुख्य अतिथि, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीनियस ग्लोबल स्कूल पिछले 19 वर्षों से केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल, संस्कृति, नैतिक मूल्य और संस्कार बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। विद्यालय आगे भी इसी सोच के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।स्थापना दिवस समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि अनुशासन, समय का सम्मान, रचनात्मकता और संस्कार ही विद्यार्थियों को जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।
