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हिमाचल में निजी अस्पतालों की लंबित हिमकेयर राशि पर रोक, विजिलेंस जांच पूरी होने के बाद होगा भुगतान

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 47 Mins Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के तहत निजी अस्पतालों की लंबित भुगतान राशि पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि विजिलेंस जांच पूरी होने तक किसी भी निजी अस्पताल को भुगतान जारी नहीं किया जाएगा।

शिमला

विजिलेंस जांच के चलते भुगतान प्रक्रिया पर रोक

हिमाचल प्रदेश में निजी अस्पतालों की लंबित हिमकेयर राशि के भुगतान पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। जानकारी के अनुसार हिमकेयर योजना से जुड़े मामलों की विजिलेंस जांच जारी है, जिसके चलते सरकार ने फिलहाल किसी भी निजी अस्पताल को भुगतान जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार के पास निजी अस्पतालों के 200 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान लंबित हैं। प्रदेशभर के कई निजी अस्पताल लंबे समय से हिमकेयर योजना के तहत उपचार किए गए मरीजों के बिलों के भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन जांच प्रक्रिया जारी रहने के कारण फिलहाल इस पर रोक बनी हुई है।

फर्जी बिलिंग और रिकॉर्ड से जुड़े मामलों की जांच

सूत्रों के अनुसार विजिलेंस विभाग हिमकेयर योजना के तहत फर्जी बिलिंग, उपचार रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी तथा भुगतान प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की जांच कर रहा है। हाल ही में विजिलेंस ने योजना से जुड़ी स्वास्थ्य एजेंसी और ऑडिट एजेंसी के कर्मचारियों से पूछताछ भी की थी। जांच एजेंसियां अस्पतालों की ओर से लगाए गए दावों, उपचार रिकॉर्ड और सरकार को भेजे गए मेडिकल बिलों का आपस में मिलान कर रही हैं। बताया जा रहा है कि सरकार का मानना है कि जांच पूरी होने से पहले भुगतान जारी करने से वित्तीय अनियमितताओं की संभावना बढ़ सकती है, इसलिए सभी लंबित भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं।

विजिलेंस रिपोर्ट के बाद होगा अगला निर्णय

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार विजिलेंस की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि किन अस्पतालों के दावे सही पाए गए हैं और किन मामलों में आगे कार्रवाई की आवश्यकता है। विभाग का कहना है कि सरकार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ पूरा करवाना चाहती है और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे भुगतान संबंधी निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद पात्र दावों की समीक्षा कर आगे की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।

ऑडिट और स्वास्थ्य एजेंसियों के कर्मचारियों से पूछताछ

जानकारी के अनुसार हिमकेयर योजना से जुड़े 110 करोड़ रुपये से अधिक के कथित मामले में विजिलेंस ने ऑडिट और स्वास्थ्य एजेंसियों से जुड़े छह कर्मचारियों से दूसरे दौर की विस्तृत पूछताछ की है। कई घंटों तक चली पूछताछ के दौरान रिकॉर्ड के रखरखाव, मेडिकल बिलों के सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली गई। जांच एजेंसी ने संदिग्ध मेडिकल बिलों तथा भुगतान फाइलों से संबंधित दस्तावेजों की भी समीक्षा की है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान कुछ मामलों में रिकॉर्ड और दस्तावेजों को लेकर अतिरिक्त जानकारी भी एकत्र की गई है।

डिजिटल रिकॉर्ड और भुगतान ट्रेल की हो रही जांच

सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि सॉफ्टवेयर डाटा और फिजिकल रिकॉर्ड में कथित रूप से बदलाव किए गए थे, ताकि कुछ अस्पतालों के दावों को नियमों के अनुरूप दर्शाया जा सके। जांच एजेंसी अब डिजिटल रिकॉर्ड, भुगतान ट्रेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं एजेंसी कर्मियों और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय के माध्यम से किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई। विजिलेंस विभाग अब संबंधित अधिकारियों, एजेंसियों और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकता है।


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