हिमकेयर के तहत निजी अस्पतालों का भुगतान फिलहाल स्थगित, कैबिनेट ने जांच पूरी होने तक रोकी प्रक्रिया
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने हिमकेयर योजना के तहत निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार योजना से जुड़े कुछ मामलों की विजिलेंस जांच जारी है और जांच प्रक्रिया पूरी होने तक निजी अस्पतालों एवं संस्थानों को लंबित दावों का भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। वहीं, हाल ही में जारी की गई राशि का उपयोग सरकारी अस्पतालों और चयनित स्वास्थ्य संस्थानों के लंबित भुगतान के निपटारे के लिए किया जा रहा है।
शिमला
कैबिनेट ने लिया भुगतान रोकने का निर्णय
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत निजी अस्पतालों को किए जाने वाले लंबित भुगतान को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा के बाद तय किया कि योजना से जुड़े मामलों की विजिलेंस जांच पूरी होने तक निजी अस्पतालों को कोई नया भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। जानकारी के अनुसार हिमकेयर योजना के अंतर्गत निजी और सरकारी अस्पतालों के दावों से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जांच चल रही है, जिसके चलते भुगतान प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोका गया है। इस बीच निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान से जुड़े करीब 20 मामले उच्च न्यायालय में भी विचाराधीन बताए जा रहे हैं, जिनमें राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है।
विजिलेंस जांच के मद्देनजर फैसला
सरकारी स्तर पर यह माना गया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले भुगतान जारी करने से भविष्य में प्रशासनिक और वित्तीय जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसी कारण मंत्रिमंडल ने जांच पूरी होने तक निजी अस्पतालों के लंबित दावों का भुगतान रोकने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने और संबंधित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। हिमकेयर योजना के तहत विभिन्न अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत दावों और भुगतान संबंधी मामलों की समीक्षा भी जारी है।
सरकारी अस्पतालों के लिए जारी हुई राशि
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में हिमकेयर योजना के लंबित भुगतान के लिए 100 करोड़ रुपये जारी किए थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के बकाया दावों के निपटारे के लिए किया जा रहा है। विभाग द्वारा जारी आवंटन के तहत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) चंडीगढ़ तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर को 10-10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा को दो करोड़ रुपये, टाटा मेमोरियल अस्पताल चंडीगढ़ को एक करोड़ रुपये तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा को पांच करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस राशि का वितरण संबंधित संस्थानों को जारी कर दिया है।
डायलिसिस सेवाओं वाले संस्थानों को मिलेगा भुगतान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निजी क्षेत्र में केवल उन संस्थानों को भुगतान किया जाएगा जहां डायलिसिस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डायलिसिस सेवाएं प्रदान करने वाले निजी अस्पतालों और संस्थानों के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पहले चरण में कुल 48 करोड़ रुपये का आवंटन विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और पात्र निजी डायलिसिस केंद्रों के लिए किया गया है। विभाग का कहना है कि मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है।
दूसरे चरण में होगा अतिरिक्त आवंटन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले चरण के बाद दूसरे चरण में भी लगभग इतनी ही राशि अन्य मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को आवंटित की जाएगी। हिमकेयर योजना के तहत वर्तमान में सरकारी और निजी अस्पतालों का कुल लंबित भुगतान 450 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि उपलब्ध वित्तीय संसाधनों, जांच प्रक्रिया की प्रगति और प्रशासनिक स्वीकृतियों के आधार पर आगामी भुगतान चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाएंगे। फिलहाल निजी अस्पतालों के भुगतान पर अंतिम निर्णय विजिलेंस जांच की रिपोर्ट और सरकार के आगामी निर्देशों के बाद लिया जाएगा।