शिमला: राजधानी के लोगों को अब प्रॉपर्टी टैक्स और सरकारी प्रमाणपत्रों के लिए अधिक भुगतान करना होगा। नगर निगम की मासिक बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के शुल्क में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। पहली अप्रैल से यह बदलाव प्रभावी होंगे।
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प्रॉपर्टी टैक्स में कितनी बढ़ोतरी होगी?
- पहले प्रति वर्ष 4% की दर से टैक्स बढ़ाने का प्रावधान था, लेकिन अब इसे प्रदेश की विकास दर (लगभग 7%) के अनुसार बढ़ाया जाएगा।
- 2023 और 2024 में चार-चार फीसदी वृद्धि की गई थी, लेकिन केंद्र से मिलने वाली ग्रांट प्रभावित न हो, इसलिए अब टैक्स में 6-7% तक की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
- नगर निगम ने राज्य सरकार से विकास दर पर रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर अंतिम फैसला होगा।
- शिमला के 31,900 भवन मालिकों को अब नए दरों के अनुसार टैक्स चुकाना होगा।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र का शुल्क 10 गुना बढ़ा
| सेवा | पुरानी दर | नई दर |
|---|---|---|
| जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र | ₹5 | ₹50 |
| प्रमाणपत्र में सुधार | ₹10 | ₹50 |
- नगर निगम के पास 1870 से 2015 तक का रिकॉर्ड मौजूद है, जिसमें बदलाव करने वालों को अब अधिक शुल्क चुकाना होगा।
- फरवरी 2024 से केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत नए प्रमाणपत्रों की फीस पहले ही बढ़ा दी गई थी, लेकिन पुराने रिकॉर्ड के लिए अब पहली बार यह दर बढ़ाई गई है।
शहरवासियों की जेब पर पड़ेगा असर
- अप्रैल से प्रॉपर्टी टैक्स और कूड़ा बिल (10% वृद्धि) के साथ ही स्कूल फीस जैसी अन्य जिम्मेदारियों के कारण नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
- भाजपा और माकपा के पार्षदों ने भी इस वृद्धि का विरोध नहीं किया, जिससे यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया।
अब आगे क्या?
- टैक्स बढ़ोतरी की अंतिम पुष्टि सरकार से रिपोर्ट मिलने के बाद होगी।
- नए शुल्क 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी होंगे।
- नगर निगम को उम्मीद है कि इस वृद्धि से उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी।
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