HP Cabinet: 6 साल की उम्र के बच्चों को ही मिलेगा पहली कक्षा में दाखिला
माइनिंग गार्ड के भरे जाएंगे इतने पद…..
HNN/शिमला
हिमाचल प्रदेश में साढ़े पांच साल तक की आयु वाले बच्चों को पहली कक्षा में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में दाखिला मिल जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने सिर्फ एक साल के लिए आयु में छूट देने का निर्णय लिया है। वर्ष 2025-26 सत्र से एक अप्रैल को छह साल की उम्र पूरा करने वाले बच्चों को ही पहली कक्षा में दाखिला मिलेगा।
राज्य सरकार और एलायंस एयरलाइंस के बीच शिमला से धर्मशाला और धर्मशाला से शिमला के लिए हवाई उड़ानें शुरू करने के बारे में एक एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे, जिसके तहत 30 जून तक उड़ानें होंगी। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य सचिवालय में हुई। इसमें कई अहम फैसले लिए गए।
12 राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों को खोलने की मंजूरी
राज्य मंत्रिमंडल में प्रदेश में 12 राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों को खोलने की मंजूरी दी। पहले इसके लिए जो नियम तय किए गए थे, उनमें जमीन की शर्त में कुछ छूट दी गई थी। यह स्कूल शिमला जिला के सरस्वतीनगर, हमीरपुर के भोरंज, बड़सर, नादौन के अमलेहड़, बिलासपुर के घुमारवीं के हटवाईं, कांगड़ा के जयसिंहपुर, जवाली, नगरोटा बगवां, ज्वालामुखी और ऊना के गगरेट आदि में खुलेंगे।
माइनिंग गार्ड के 80 पद भरने की स्वीकृति, लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु को 21 साल करने का निर्णय
इस बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (एचपीएसआईडीसी) को सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों में सिविल कार्यों को करने की मंजूरी मिली। उद्योग विभाग में माइनिंग गार्ड के 80 पद भरने की स्वीकृति दी गई। हिमाचल प्रदेश बाल विवाह निषेध विधेयक 2024 के ड्राफ्ट को भी मंजूरी मिली। इसे बजट सत्र मेंं विधानसभा में रखा जाएगा। इसमें लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु को 21 साल करने का निर्णय लिया गया।
टोल टैक्स लेने को भी स्वीकृति
राज्य मंत्रिमंडल ने टोल बैरियरों पर 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक टोल टैक्स लेने को भी स्वीकृति दे दी। कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश माइन्स एंड मिनरल पॉलिसी 2024 को भी मंजूरी दी। इसमें खनन क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने, खनन से जुड़ी गतिविधियों का विनियमितीकरण करने और गैर कानूनी तरीके से खनन करने वालों पर कार्रवाई करने का प्रावधान है। निदेशक शहरी एवं स्थानीय निकाय को राज्य परियोजना मॉनिटर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। यह विभागीय सेवाओं की निगरानी करेगा।