HPBOSE / अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा को हिमाचल बोर्ड ने 10+2 के समकक्ष दी मान्यता, उच्च शिक्षा में मिलेगा लाभ
HPBOSE : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एनडब्ल्यूएसी (NWAC) से मान्यता प्राप्त अमेरिकी स्कूलों द्वारा जारी अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा (ग्रेड-12) को 10+2 के समकक्ष मान्यता प्रदान करने की अधिसूचना जारी की है। यह समकक्षता केवल उच्च शिक्षा में प्रवेश के उद्देश्य से मान्य होगी तथा प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता का सत्यापन संबंधित संस्था या सक्षम प्राधिकारी से करवाना अनिवार्य रहेगा।
धर्मशाला
HPBOSE ने जारी की समकक्षता संबंधी अधिसूचना
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि NWAC (Northwest Accreditation Commission) से मान्यता प्राप्त अमेरिकी स्कूलों द्वारा जारी 12 वर्षीय अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा (ग्रेड-12) को बोर्ड की 10+2 (जमा दो) परीक्षा के समकक्ष स्वीकार किया जाएगा। बोर्ड के अनुसार यह निर्णय निर्धारित शैक्षणिक मानकों और संबंधित राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। इससे ऐसे विद्यार्थियों को भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अपनी शैक्षणिक योग्यता के संबंध में स्पष्ट व्यवस्था उपलब्ध होगी।
1995 की अधिसूचना और AIU के 2014 के पत्र के आधार पर लिया गया निर्णय
बोर्ड ने बताया कि यह निर्णय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) की वर्ष 1995 की अधिसूचना तथा एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) द्वारा वर्ष 2014 में जारी पत्र के आधार पर लिया गया है। AIU ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि NWAC अमेरिका की मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय प्रत्यायन (Regional Accreditation) संस्थाओं में शामिल है। इसी आधार पर NWAC से संबद्ध स्कूलों द्वारा जारी हाई स्कूल डिप्लोमा को भारत में 10+2 स्तर के समकक्ष मान्यता देने का निर्णय लिया गया है।
केवल उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए होगी समकक्षता मान्य
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह समकक्षता केवल उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के उद्देश्य से लागू होगी। इसका अर्थ है कि NWAC मान्यता प्राप्त स्कूलों से ग्रेड-12 स्तर की शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थी विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए इस समकक्षता का उपयोग कर सकेंगे। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए प्रभावी रहेगा और अन्य मामलों में संबंधित नियम लागू होंगे।
प्रमाणपत्रों का सत्यापन रहेगा अनिवार्य
बोर्ड की अधिसूचना के अनुसार किसी भी अभ्यर्थी को समकक्षता का लाभ देने से पहले उसके प्रमाणपत्र, शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेजों की प्रामाणिकता एवं वैधता का सत्यापन संबंधित जारीकर्ता संस्था अथवा सक्षम प्राधिकारी से करवाना अनिवार्य होगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही समकक्षता का लाभ दिया जाएगा। इस संबंध में जारी अधिसूचना की प्रतियां राज्य सरकार के शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेज दी गई हैं, ताकि सभी संस्थानों में एक समान प्रक्रिया अपनाई जा सके।
विदेश में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा
इस निर्णय से उन विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी जिन्होंने अमेरिका के NWAC मान्यता प्राप्त स्कूलों से ग्रेड-12 स्तर की पढ़ाई पूरी की है और भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। समकक्षता की स्पष्ट व्यवस्था होने से प्रवेश प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों के मूल्यांकन में पारदर्शिता आएगी तथा संबंधित विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलेगी।