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HPU में AI सहित नए पाठ्यक्रम होंगे शुरू, छात्रों और शिक्षकों के लिए विदेश एक्सपोजर विजिट की घोषणा : CM सुक्खू

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 57वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए विदेश एक्सपोजर विजिट तथा विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने संबंधी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक आधारित अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता और नई परियोजनाओं की भी जानकारी दी।

शिमला

आधुनिक पाठ्यक्रम और एक्सपोजर विजिट पर जोर

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 57वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विश्वविद्यालय को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए विदेशों में एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था करेगी, जिसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा स्टोरेज और अन्य उभरती तकनीकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसी क्रम में विश्वविद्यालय में बी.टेक. इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की गई।

ग्रीन हाइड्रोजन और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र के लिए नोडल एजेंसी के रूप में विकसित करने की योजना है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में अनुसंधान, नवाचार और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा तथा उच्च शिक्षा संस्थानों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।

शिक्षा क्षेत्र में सरकार की पहल का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय चुनौतियों के बावजूद शिक्षा क्षेत्र में कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के वर्ष 2021 के एक सर्वेक्षण में शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में राज्य पांचवें स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल, एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम और 150 से अधिक नए सीबीएसई स्कूल शुरू किए हैं। इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों में 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ने की जानकारी भी साझा की।

उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में रोजगार आधारित और आधुनिक पाठ्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चार चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू की गई है, जिसमें प्रति सर्जरी लगभग 1.25 लाख रुपये का खर्च आता है और राज्य सरकार 80 हजार रुपये की सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त 125 करोड़ रुपये की लागत से पांच स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जिन्हें दिसंबर तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

डिजिटल पुस्तकालय और प्रशासनिक भवन का शिलान्यास

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में 10.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक डिजिटल पुस्तकालय तथा 6.09 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध संबंधी सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।