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HRTC धर्मशाला डिपो में सेवानिवृत्ति रिकॉर्ड में देरी, क्लास-फोर कर्मचारी को समय के बाद कार्य पर रखने का मामला

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

HRTC धर्मशाला डिपो में चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी की सेवानिवृत्ति प्रक्रिया निर्धारित समय पर रिकॉर्ड में दर्ज न होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार कर्मचारी निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि के बाद भी नियमित रूप से कार्य करती रही। कार्यालय रिकॉर्ड की रूटीन जांच के दौरान यह प्रशासनिक चूक सामने आई, जिसके बाद विभाग ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए संबंधित कर्मचारी को सेवामुक्त कर दिया।

धर्मशाला

सेवानिवृत्ति रिकॉर्ड में प्रशासनिक चूक

हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के धर्मशाला डिपो में एक चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी की सेवानिवृत्ति प्रक्रिया से जुड़ा मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कर्मचारी दर्शना देवी को नियमानुसार फरवरी 2026 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड और प्रशासनिक प्रक्रिया समय पर अपडेट नहीं होने के कारण वह मार्च और अप्रैल माह के दौरान भी नियमित रूप से कार्यालय में अपनी सेवाएं देती रहीं। इस अवधि में कर्मचारी की उपस्थिति और कार्य जारी रहा, जबकि सेवानिवृत्ति संबंधी औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए थी। मामला सामने आने के बाद विभागीय रिकॉर्ड प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हुई है।

रूटीन जांच में स्थिति स्पष्ट

कार्यालय के रिकॉर्ड की नियमित जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित कर्मचारी की सेवानिवृत्ति निर्धारित तिथि के अनुसार पहले ही प्रभावी हो चुकी थी। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान अधिकारियों को पता चला कि सेवानिवृत्ति संबंधी प्रविष्टियां और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई समय पर पूरी नहीं की गई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारी लगभग दो माह तक निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि के बाद भी कार्यरत रहीं। इसके बाद संबंधित रिकॉर्ड का पुनः परीक्षण किया गया और सेवा अवधि से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया गया।

कार्रवाई और प्रक्रिया

मामले की जानकारी मिलने के बाद विभागीय स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और संबंधित कर्मचारी को विधिवत सेवामुक्त किया गया। साथ ही सेवानिवृत्ति से जुड़े रिकॉर्ड, सेवा पुस्तिका और अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों को अद्यतन करने की प्रक्रिया शुरू की गई। विभाग यह भी देख रहा है कि निर्धारित समय पर सेवानिवृत्ति प्रक्रिया पूरी न होने के पीछे कौन-कौन से प्रशासनिक कारण रहे। हालांकि इस संबंध में किसी विस्तृत विभागीय जांच या जिम्मेदारी तय किए जाने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल

यह मामला विभागीय रिकॉर्ड प्रबंधन, मानव संसाधन निगरानी और सेवा संबंधी प्रक्रियाओं के समयबद्ध अनुपालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों में कर्मचारियों की नियुक्ति, पदोन्नति और सेवानिवृत्ति से जुड़े रिकॉर्ड का नियमित सत्यापन आवश्यक माना जाता है ताकि ऐसी स्थितियों से बचा जा सके। फिलहाल एचआरटीसी की ओर से इस मामले में किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या विस्तृत जांच की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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