बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालक और परिचालकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बिलासपुर में गेट मीटिंग कर विरोध दर्ज कराया। एचआरटीसी परिचालक यूनियन के प्रधान प्रीत महेंद्र सिंह और चालक यूनियन के प्रधान मान सिंह ने बताया कि निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार से कई वर्षों से लंबित वेतन विसंगति और 65 महीनों के ओवरनाइट भत्ते का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
चालक-परिचालकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 6 मार्च 2025 तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
प्रमुख मांगें:
- वेतन विसंगति का समाधान:
- परिचालकों को अन्य कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन मिल रहा है।
- तीन वर्षों से वेतन विसंगति का मुद्दा लंबित है।
- ओवरनाइट भत्ते का भुगतान:
- 65 महीनों का ओवरटाइम और नाइट भत्ता बकाया।
- कर्मचारियों के अनुसार, सरकार और निगम से करीब ₹150 करोड़ की राशि लेनी है।
- प्रमोशन प्रक्रिया में तेजी:
- प्रमोशन चैनल बेहद धीमा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है।
- अन्य लंबित एरियर्स का निपटारा:
- ₹50,000 एरियर की किस्त का भुगतान।
- अन्य वित्तीय देनदारियों का शीघ्र निपटारा।
कर्मचारियों की चेतावनी:
- मान सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने 6 मार्च 2025 तक सभी भत्तों और एरियर का भुगतान नहीं किया तो एचआरटीसी की चालक और परिचालक यूनियन कड़ा निर्णय लेने के लिए बाध्य होगी।
- उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है और अगर मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
सरकार और प्रबंधन से अपील:
चालक और परिचालकों ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और एचआरटीसी प्रबंधन से आग्रह किया है कि वे उनके आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए मांगों का समाधान करें ताकि कर्मचारियों को किसी कठोर कदम की ओर न जाना पड़े।
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