HRTC / एचआरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल से पहले सरकार ने लगाया ESMA, छह महीने तक नहीं कर सकेंगे स्ट्राइक
HRTC : हिमाचल प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल से पहले बड़ा फैसला लेते हुए पूरे प्रदेश में इसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू कर दिया है। परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार एचआरटीसी कर्मचारियों पर अगले छह महीने तक हड़ताल करने पर रोक रहेगी।
शिमला
सरकार की अधिसूचना के अनुसार कोई भी एचआरटीसी कर्मचारी हड़ताल शुरू नहीं कर सकेगा, उसमें शामिल नहीं होगा और न ही किसी तरह से हड़ताल को बढ़ावा देगा। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ESMA के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए हैं कि अधिसूचना का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सभी जिलाधीशों और पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक सहयोग देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
25 जून से प्रस्तावित थी हड़ताल
गौरतलब है कि एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन ने लंबित वित्तीय देनदारियों और अन्य मांगों को लेकर 25 जून से हड़ताल पर जाने का एलान किया था। हालांकि सरकार के इस फैसले के बाद अब कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल पर कानूनी रोक लग गई है। सरकार का कहना है कि बस सेवाएं बाधित होने से आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ सकता है, इसलिए जनहित में यह फैसला लिया गया है।
क्या है ESMA और इसका क्या असर होगा
ESMA यानी Essential Services Maintenance Act एक ऐसा कानून है, जिसे सरकार तब लागू करती है जब किसी आवश्यक सेवा में हड़ताल या काम बंद होने से आम जनता को गंभीर परेशानी होने की आशंका हो। एचआरटीसी के मामले में इसका अर्थ यह है कि कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते, हड़ताल में शामिल नहीं हो सकते और न ही दूसरों को इसके लिए उकसा सकते हैं। ESMA लागू रहने के दौरान कर्मचारी अपनी मांगें सरकार के सामने रख सकते हैं, बातचीत कर सकते हैं, ज्ञापन दे सकते हैं और कानूनी तरीके से विरोध भी कर सकते हैं, लेकिन काम ठप करना या हड़ताल करना प्रतिबंधित रहेगा।