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एचआरटीसी कर्मचारी संगठनों ने किया चक्का जाम का ऐलान, 25 जून से बस सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 2 Hours Ago • 1 Min Read

एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन ने सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद 24 जून की मध्यरात्रि से प्रदेशव्यापी चक्का जाम की घोषणा की है। यूनियन का कहना है कि लंबित वित्तीय मांगों, सेवा संबंधी मुद्दों और संगठनात्मक मामलों पर ठोस समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

शिमला

वार्ता के बाद यूनियन ने की आंदोलन की घोषणा

हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) चालक-परिचालक यूनियन ने 24 जून की मध्यरात्रि 12 बजे से प्रदेशव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया है। यूनियन के अनुसार मंगलवार को सरकार के साथ हुई वार्ता में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। यूनियन ने कहा है कि जब तक लंबित मामलों पर लिखित और स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक बस संचालन प्रभावित रह सकता है। इस आंदोलन को एचआरटीसी टेक्निकल यूनियन और पेंशनर्स जॉइंट एक्शन कमेटी का भी समर्थन मिला है।

कर्मचारी संगठनों ने उठाए लंबित मांगों के मुद्दे

यूनियन का कहना है कि निगम के करीब 12 हजार कर्मचारियों की कई वित्तीय और सेवा संबंधी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनमें 75 महीने का नाइट ओवरटाइम एरियर, वर्ष 2016 से लंबित वेतन संशोधन का एरियर, महंगाई भत्ते की देनदारियां, 4-9-14 वेतनमान का लाभ, वर्दी भत्ता और अन्य बकाया शामिल हैं। यूनियन के अनुसार केवल नाइट ओवरटाइम एरियर की राशि ही लगभग 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा पदोन्नति प्रक्रिया, रिक्त पदों पर भर्ती और वेतन भुगतान की नियमितता भी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल है।

तबादले के आदेश पर भी जताई आपत्ति

यूनियन प्रतिनिधियों ने संगठन के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर के हालिया तबादले का मुद्दा भी बैठक में उठाया। यूनियन ने तबादला आदेश वापस लेने की मांग की, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। निगम प्रबंधन ने इसे प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। यूनियन का कहना है कि आंदोलन के दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारी का तबादला कर्मचारियों की मांगों से जुड़े मुद्दों पर असर डाल सकता है, इसलिए इस आदेश पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

बस संचालन पर पड़ सकता है प्रभाव

यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार यदि मांगों पर समाधान नहीं होता है तो प्रदेश में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हिमाचल में निगम की बसें कई जिलों में सार्वजनिक परिवहन का प्रमुख साधन हैं, इसलिए चक्का जाम की स्थिति में यात्रियों को असुविधा हो सकती है। यूनियन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले बस संचालन की स्थिति की जानकारी ले लें और अग्रिम बुकिंग करते समय सावधानी बरतें। दूसरी ओर प्रशासन और निगम प्रबंधन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

आगे की रणनीति पर रहेगी नजर

यूनियन ने कहा है कि मांगों के संबंध में ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार और निगम प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों के साथ संवाद की प्रक्रिया जारी रखने की बात कही गई है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच होने वाली आगे की वार्ता और उसके परिणामों पर स्थिति निर्भर करेगी। यदि समाधान नहीं निकलता है तो प्रदेश में सरकारी बस सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है।

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