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आईजीएमसी शिमला को शीघ्र मिलेगी 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर जोर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग को सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी निदान सेवाओं में प्रतीक्षा अवधि कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीएमसी शिमला को 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए स्वास्थ्य अवसंरचना को और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

शिमला

निदान सेवाओं की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी), शिमला तथा चमियाना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निदान विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी प्रमुख निदान सेवाओं में शून्य प्रतीक्षा अवधि सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यक मानव संसाधन और आधुनिक निदान उपकरण उपलब्ध करा रही है तथा विभाग को इन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने चाहिए।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के भीतर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ मरीजों को उन्नत उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता कम करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बैठक के दौरान उन्होंने चिकित्सकों से निदान सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए।

आईजीएमसी को मिलेगी 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन

बैठक में आईजीएमसी के चिकित्सकों द्वारा आधुनिक सीटी स्कैन मशीन की आवश्यकता से अवगत कराने पर मुख्यमंत्री ने संस्थान को शीघ्र 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।

चिकित्सा उपकरणों के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वास्थ्य अवसंरचना को चरणबद्ध तरीके से सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि एम्स, नई दिल्ली के समकक्ष उच्चस्तरीय चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन आधुनिक उपकरणों को चिकित्सा महाविद्यालयों के साथ-साथ जिला अस्पतालों, जोनल अस्पतालों और अन्य नागरिक अस्पतालों में भी स्थापित किया जाएगा, जिससे प्रदेश में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता का विस्तार होगा।

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