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IGMC में रोबोटिक सर्जरी से किडनी कैंसर का सफल ऑपरेशन, पांच घंटे चली प्रक्रिया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 7 Hours Ago • 1 Min Read

IGMC शिमला में पहली बार रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से किडनी कैंसर का ऑपरेशन किया गया। अस्पताल के सर्जरी विभाग की टीम ने करीब पांच घंटे चली प्रक्रिया के दौरान किडनी के कैंसर प्रभावित हिस्से को अलग किया और किडनी के शेष हिस्से को सुरक्षित रखा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका उपचार जारी है।

शिमला

रोबोटिक तकनीक से किया गया ऑपरेशन

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में सर्जरी विभाग की ओर से पहली बार रोबोटिक तकनीक का उपयोग करते हुए किडनी कैंसर का ऑपरेशन किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उपचार के लिए आईजीएमसी पहुंचा था। जांच और स्कैनिंग के दौरान उसकी किडनी में कैंसरयुक्त ट्यूमर की पुष्टि हुई। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मामले का मूल्यांकन किया और रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। अस्पताल के अनुसार इस प्रक्रिया में आधुनिक रोबोटिक सिस्टम का उपयोग किया गया, जिससे प्रभावित हिस्से तक अधिक सटीक तरीके से पहुंच बनाई जा सकी। आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू होने के बाद यह किडनी कैंसर से जुड़ा पहला प्रमुख ऑपरेशन माना जा रहा है।

पांच घंटे चली सर्जरी प्रक्रिया

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक यह सर्जरी करीब पांच घंटे तक चली, जिसमें सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम शामिल रही। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने किडनी के कैंसर प्रभावित हिस्से को सावधानीपूर्वक अलग किया और किडनी के शेष हिस्से को सुरक्षित रखा। चिकित्सकों का कहना है कि इस प्रक्रिया में पूरी किडनी निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे मरीज की किडनी की कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद मिली। अस्पताल के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और उसकी किडनी सामान्य रूप से कार्य कर रही है। मरीज को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और नियमित जांच की जा रही है।

सामान्य सर्जरी की तुलना में अलग प्रक्रिया

चिकित्सकों के अनुसार सामान्य ओपन सर्जरी या लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया में कई मामलों में पूरी किडनी निकालनी पड़ती थी, विशेषकर तब जब कैंसर प्रभावित हिस्सा अधिक जटिल स्थिति में हो। रोबोटिक तकनीक के उपयोग से सर्जरी अधिक सटीक तरीके से की जा सकती है, जिससे स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इस तकनीक से ऑपरेशन के दौरान ब्लड लॉस अपेक्षाकृत कम होता है और मरीज को अतिरिक्त रक्त चढ़ाने की आवश्यकता भी कम पड़ती है। इसके अलावा मरीज की रिकवरी अवधि भी सामान्य सर्जरी की तुलना में कम मानी जाती है। चिकित्सकों का कहना है कि रोबोटिक तकनीक जटिल सर्जरी प्रक्रियाओं में बेहतर विजुअल कंट्रोल और सटीक मूवमेंट उपलब्ध कराती है।

सर्जरी विभाग ने दी जानकारी

सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत महाजन ने बताया कि आईजीएमसी में पहली बार रोबोटिक तकनीक के माध्यम से इस प्रकार की किडनी सर्जरी की गई है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से भविष्य में कैंसर और अन्य जटिल बीमारियों से संबंधित कई प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेंगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू होने के बाद विभिन्न विभागों में इस तकनीक के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है।

रोबोटिक सर्जरी के लिए निर्धारित शुल्क

अस्पताल प्रशासन के अनुसार आईजीएमसी के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी का शुल्क 30 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं स्पेशल वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए यह शुल्क 50 हजार रुपये रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि निजी अस्पतालों की तुलना में सरकारी संस्थान में यह सुविधा अपेक्षाकृत कम लागत पर उपलब्ध करवाई जा रही है। रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू होने के बाद प्रदेश के मरीजों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता भी कम होगी।

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