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हिमाचल के तकनीकी छात्रों के लिए ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल लॉन्च, 164 संस्थान और 97 नियोक्ता पहले ही जुड़े

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 6 Hours Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं, शिक्षण संस्थानों और उद्योगों को एक डिजिटल मंच पर जोड़ने के लिए ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल शुरू किया है। पोर्टल के माध्यम से छात्रों को रोजगार अवसर, ऑनलाइन आवेदन, कौशल प्रोफाइल और प्लेसमेंट से जुड़ी सुविधाएं एकीकृत प्रणाली के तहत उपलब्ध कराई जाएंगी।

शिमला

मुख्यमंत्री ने किया ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार देर सायं तकनीकी शिक्षा विभाग के ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ किया। राज्य सरकार के अनुसार यह अपनी तरह का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों, शिक्षण संस्थानों और रोजगारदाताओं को एकीकृत प्रणाली के माध्यम से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस पहल का लक्ष्य प्लेसमेंट और भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है, ताकि छात्रों को रोजगार अवसरों तक सीधे पहुंच मिल सके और उद्योगों को योग्य अभ्यर्थियों की उपलब्धता आसान हो।

छात्र ऑनलाइन प्रोफाइल, कौशल और प्रमाणपत्र कर सकेंगे अपलोड

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास और रोजगार सृजन को मजबूत करने के लिए लगातार तकनीक आधारित व्यवस्थाएं विकसित कर रही है। इस पोर्टल पर छात्र अपनी शैक्षणिक प्रोफाइल, तकनीकी कौशल, प्रशिक्षण, अनुभव और प्रमाणपत्रों का विवरण अपलोड कर सकेंगे। इसके साथ ही विभिन्न कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए रोजगार अवसरों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने, आवेदन की स्थिति देखने तथा प्लेसमेंट प्रक्रिया की निगरानी करने की सुविधा भी मिलेगी। इससे उद्योगों और तकनीकी संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ेगा तथा युवाओं को रोजगार संबंधी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी।

नियोक्ता भी रिक्त पद साझा कर शुरू कर सकेंगे भर्ती प्रक्रिया

पोर्टल पर नियोक्ताओं को भी पंजीकरण की सुविधा दी गई है। पंजीकरण के बाद वे रिक्त पदों की जानकारी साझा कर सकेंगे, पात्र अभ्यर्थियों की प्रोफाइल देख सकेंगे और अपनी आवश्यकता के अनुसार भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति संबंधी जानकारी भी संबंधित विभाग के साथ साझा की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और उद्योगों को योग्य तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

164 संस्थान, 26 हजार से अधिक छात्र और 97 नियोक्ता जुड़े

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पोर्टल पर अब तक प्रदेश के 164 शिक्षण संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), 18 पॉलिटेक्निक संस्थान, 5 इंजीनियरिंग कॉलेज और 5 फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा हिम एक्सेस इंटीग्रेशन पोर्टल के माध्यम से 26,168 छात्रों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 23,054 छात्रों की कौशल मैपिंग पूरी हो चुकी है। वहीं 97 नियोक्ता भी इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करा चुके हैं, जिससे छात्रों और उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो रहा है।

कुशल श्रमिकों और संस्थानों को भी मिलेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और अन्य कुशल श्रमिक भी अपना पंजीकरण कर सकेंगे, जिससे अल्प अवधि के कार्यों के लिए भी उनकी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। तकनीकी शिक्षण संस्थान छात्रों का रिकॉर्ड प्रबंधन, प्रोफाइल सत्यापन, प्लेसमेंट परिणामों की निगरानी और संभावित नियोक्ताओं के साथ समन्वय जैसे कार्य इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और उद्योगों की आवश्यकताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।